पप्पू यादव पर चप्पल फेंकने के आरोपी की मां बोलीं, ‘बेटे के दिल्ली में होने का पता टीवी से चला’

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पप्पू यादव पर चप्पल फेंकने के आरोपी की मां बोलीं, ‘बेटे के दिल्ली में होने का पता टीवी से चला’

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  • Publish Date - August 3, 2026 / 08:50 PM IST,
    Updated On - August 3, 2026 / 08:50 PM IST

बुलंदशहर, तीन अगस्त (भाषा) बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव पर कथित रूप से चप्पल फेंकने के आरोपी युवक की मां ने सोमवार को यहां दावा किया कि उनका बेटा खाना लेकर घर से निकला था और उसके दिल्ली में होने की जानकारी उन्हें टेलीविजन देखने के बाद मिली।

दिल्ली में एक पत्रकार वार्ता के दौरान एक युवक ने पप्पू यादव पर कथित रूप से चप्पल फेंकी थी।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में प्रसारित हुआ।

सांसद ने आरोप लगाया था कि हमलावर उन्हें नुकसान पहुंचाने की नीयत से चाकू लेकर आया था।

आरोपी सुमित की मां ने कहा कि उनका बेटा दोपहर में खाना लेकर घर से निकला था और टीवी पर घटना देखने के बाद ही उन्हें पता चला कि वह दिल्ली पहुंच गया है।

सिकंदराबाद विकासखंड के तहत शहपानी गांव की रहने वाली सुमित की मां ने बताया कि उनका बेटा दोपहर करीब साढ़े 12 बजे खाना लेकर घर से निकला था। उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि उनका बेटा दिल्ली कैसे पहुंचा और उसे कौन लेकर गया था।

सुमित की मां ने बताया कि टेलीविजन पर घटना देखने के बाद ही उन्हें सुमित के दिल्ली में होने की जानकारी मिली।

इस बीच, पप्पू यादव पर कथित हमले के आरोपियों सुमित और हैप्पी के सत्तारूढ़ दल से जुड़े होने की चर्चा है।

हालांकि, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

दिल्ली पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान 34 वर्षीय सुमित के रूप में हुई है, जो बुलंदशहर का रहने वाला है और गाजियाबाद में लोहे के सामान बनाने का काम करता है।

पुलिस ने बताया कि उसका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।

पूछताछ के लिए हैप्पी शर्मा नामक एक अन्य व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों व्यक्तियों ने जांचकर्ताओं को बताया कि वे किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं हैं।

उन्होंने खुद को ‘‘सनातन धर्म को मानने वाला’’ बताया और आरोप लगाया कि यादव के समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की। पुलिस घटना के पीछे के कारणों की जांच कर रही है और अब तक इस मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। भाषा सं आनन्द जितेंद्र

जितेंद्र