Prayagraj Magh Mela 2026/Image Source: ANI
Prayagraj Magh Mela 2026: प्रयागराज के माघ मेले में मौनी अमावस्या का दिन सबसे पवित्र स्नान का अवसर माना जाता है। करोड़ों श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाते नजर आए, लेकिन इस बार कुछ ऐसा हुआ कि मेले में बड़ा विवाद खड़ा हो गया। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का जुलूस पुलिस ने रोक दिया।
Prayagraj Magh Mela 2026: भीड़ और हड़कंप के बीच धक्का-मुक्की हुई। प्रशासन का कहना था कि भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा कारणों से शंकराचार्य को रथ से उतरकर पैदल चलने को कहा गया, लेकिन शिष्यों ने इसका विरोध किया और आगे बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और शिष्यों के बीच झड़प हुई। कुछ साधुओं को हिरासत में लिया गया और मारपीट के आरोप भी लगे। सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें एक साधु को बाल पकड़कर घसीटते और पीटते हुए दिखाया गया। पालकी को खींचकर लगभग एक किलोमीटर दूर ले जाया गया, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
Prayagraj Magh Mela 2026: प्रशासन का कहना है कि शंकराचार्य बिना पूर्व अनुमति के लगभग 200 लोगों के साथ रथ में आए और बैरिकेड तोड़े। इसके कारण आम श्रद्धालुओं को परेशानी हुई। उनका कहना है कि यह नियमों का उल्लंघन था और सुरक्षा को खतरा था। मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा, लेकिन सवाल बाकी हैं क्या संतों का सम्मान खतरे में है या मेला नियम सबके लिए बराबर हैं? यह विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है। हम आगे भी इस घटना पर अपडेट देते रहेंगे।