तिरुवनंतपुरम, छह जुलाई (भाषा) केरल की संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की सरकार ने पिछले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) शासन के 10 वर्षों के दौरान खरीदे गए चिकित्सा उपकरणों की जांच के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने का आदेश दिया है।
आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत से खरीदे गए कई उपकरण या तो कभी स्थापित ही नहीं किए गए, उनका उपयोग नहीं हुआ या उनका उचित रखरखाव नहीं किया गया।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को वरिष्ठ अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की समिति गठित कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘रिपोर्ट में जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की सिफारिश भी की जानी चाहिए।’’
जांच के दायरे में सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज, सरकारी अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग के अधीन आने वाले अन्य संस्थान शामिल होंगे। समिति पिछले 10 वर्षों में खरीदे गए सभी चिकित्सा उपकरणों की खरीद, स्थापना, उपयोग, रखरखाव और वर्तमान स्थिति की समीक्षा करेगी।
मुरलीधरन ने कहा कि जांच में योजना मद, प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई), अन्य केंद्र प्रायोजित योजनाओं तथा कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए चिकित्सा उपकरणों को भी शामिल किया जाएगा।
मुरलीधरन ने बताया कि हाल ही में वायनाड सरकारी मेडिकल कॉलेज के दौरे के दौरान उन्होंने सचल (चलते-फिरते) मुर्दाघर सहित कई महंगे चिकित्सा उपकरणों को लंबे समय से अनुपयोगी अवस्था में पड़ा पाया। अन्य सरकारी अस्पतालों से भी ऐसी ही शिकायतें मिलने के बाद यह जांच कराने का निर्णय लिया गया है।
भाषा गोला माधव
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