उप्र: सेवानिवृत्त न्यायाधीश राम अवतार बने ओबीसी आयोग के अध्यक्ष, चार अन्य सदस्यों की भी नियुक्ति

उप्र: सेवानिवृत्त न्यायाधीश राम अवतार बने ओबीसी आयोग के अध्यक्ष, चार अन्य सदस्यों की भी नियुक्ति

उप्र: सेवानिवृत्त न्यायाधीश राम अवतार बने ओबीसी आयोग के अध्यक्ष, चार अन्य सदस्यों की भी नियुक्ति
Modified Date: May 21, 2026 / 12:40 am IST
Published Date: May 21, 2026 12:40 am IST

लखनऊ, 20 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश के राज्यपाल ने मंत्रिमंडल द्वारा स्थानीय ग्रामीण निकायों के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आयोग के गठन को मंजूरी दिए जाने के दो दिन बाद बुधवार को इसके सदस्यों की नियुक्ति कर दी। उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश राम अवतार सिंह को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है।

सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक आयोग के चार अन्य सदस्यों में सेवानिवृत्त अपर जिला न्यायाधीश बृजेश कुमार, सेवानिवृत्त अपर जिला न्यायाधीश संतोष कुमार विश्वकर्मा, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अरविंद कुमार चौरसिया और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एस.पी. सिंह शामिल हैं।

अधिसूचना के अनुसार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल उनकी नियुक्ति की तारीख से छह महीने की अवधि के लिए होगा लेकिन अगर जरूरी हुआ तो इसे बढ़ाया भी जा सकता है।

इस आयोग को ग्रामीण शासी निकायों में आरक्षित सीटों के बंटवारे को निर्धारित करने का दायित्व सौंपा गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान ‘उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग’ के गठन का प्रस्ताव मंजूर किया गया था।

राज्य में पिछले पंचायत चुनाव साल 2021 में हुए थे और नये चुनाव इस साल के अंत में होने की संभावाना है।

इस आयोग को ग्रामीण निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित लोगों के लिए आनुपातिक आरक्षण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके कार्यक्षेत्र में त्रि-स्तरीय पंचायतों के अंदर विभिन्न पदों के लिए आरक्षण के बंटवारे को निर्धारित करने के लिये जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा करना शामिल है।

भाषा सलीम जोहेब

जोहेब


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