लखनऊ, चार अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यदि सपा का काम केवल सदन में हंगामा करना और कार्यवाही में बाधा डालना ही रह गया है, तो उसे अपना नाम बदलकर ‘हल्ला-गुल्ला पार्टी’ रख लेना चाहिए।
विधानसभा में मंगलवार को मानसून सत्र के दूसरे दिन मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों के हंगामे के बीच विधायी कार्य सम्पादित हुए। सत्र शुरू होते ही विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने हंगामे के चलते करीब सवा घंटे तक सदन स्थगित कर दिया। फिर 12 बजकर 20 मिनट पर कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन प्रश्न काल हंगामे की भेंट चढ़ गयी। हंगामे के बीच ही उत्तर प्रदेश का वित्त वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट पेश हुआ।
भाजपा मुख्यालय से जारी एक बयान में चौधरी ने कहा, “लोकतंत्र में विपक्ष को अपनी बात रखने, सरकार से प्रश्न पूछने और नीतियों पर रचनात्मक आलोचना करने का पूरा अधिकार है, लेकिन सदन की कार्यवाही को लगातार बाधित करना लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है।”
उन्होंने कहा कि यह आचरण न केवल संसदीय मर्यादाओं का उल्लंघन है, बल्कि प्रदेश की जनता के विश्वास का भी अपमान है।
चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के विकास, किसानों, युवाओं, महिलाओं, गरीबों, अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा रोजगार को नई गति देने के उद्देश्य से अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया है, यह बजट प्रदेश की विकास यात्रा को और अधिक सशक्त बनाने वाला है।
उन्होंने कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर गंभीर चर्चा करने के बजाय समाजवादी पार्टी ने हंगामे का रास्ता चुना, जिससे स्पष्ट है कि उसे राज्य के विकास से कोई सरोकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी को लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करते हुए सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए।
चौधरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार विकास के एजेंडे पर आगे बढ़ रही है, जबकि समाजवादी पार्टी केवल राजनीतिक हंगामे के माध्यम से अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने का प्रयास कर रही है।
भाषा आनन्द
राजकुमार
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