नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) दक्षिण-पूर्वी दिल्ली पुलिस ने कालकाजी मंदिर के पास 17 वर्षीय लड़की से सामूहिक दुष्कर्म के एक आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया जबकि दो अन्य आरोपियों को बाद में पकड़ लिया गया। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि कथित दुष्कर्म आस्था कुंज पार्क के अंदर एक पुरानी, जीर्ण-शीर्ण पत्थर की संरचना में हुआ, जहां तीन आरोपियों ने बारी-बारी से लड़की का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान आसिफ के रूप में हुई है। यह उन लोगों में शामिल था जो सोमवार शाम को खुद को कथित तौर पर पुलिसकर्मी बताकर बंदूक के बल पर लड़की को आस्था कुंज पार्क के अंदर एक सुनसान हिस्से में ले गए और उसके साथ कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म किया।
पुलिस ने बताया कि मामले में दो अन्य आरोपियों की पहचान अधिवक्ता हेमंत और उसके भाई मुकेश के तौर पर हुई है जो बीएससी गणित के अंतिम वर्ष का छात्र है। वे फरीदाबाद के मूल निवासी हैं और दिल्ली के श्री निवासपुरी में रहते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी एक-दूसरे को जानते हैं, क्योंकि वे पार्क के आसपास रहते हैं और काम करते हैं और अक्सर वहां मिलते भी थे।
सूत्रों ने बताया कि अमर कॉलोनी में रहने वाला आसिफ ओखला मंडी में प्याज के थोक विक्रेता के रूप में काम करता था।
पुलिस इस जानकारी की भी पुष्टि कर रही है कि ये तीनों व्यक्ति पार्क में इसी तरह की अन्य घटनाओं में शामिल हो सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि ऐसी किसी भी घटना के संबंध में अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या कोई अन्य पीड़िता भी थी।
अधिकारियों ने बताया कि आसिफ ने अमर कॉलोनी में डीएम ऑफिस रोड के पास पुलिस टीम द्वारा उसे रोके जाने पर कथित तौर पर तीन गोलियां चलाईं।
पुलिस ने बताया कि गोलीबारी के दौरान एक गोली हेड कांस्टेबल राजेश के ‘बुलेट-प्रूफ जैकेट’ पर लगी जिसके बाद हेड कांस्टेबल ने आत्मरक्षा में दो गोलियां चलाईं, जिनमें से एक आसिफ की दाहिनी टांग में लगी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घायल आरोपी को बाद में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया।
लड़की के बयान के अनुसार, वह और उसका 17 वर्षीय मित्र कालकाजी मंदिर दर्शन के लिए गए थे और बाद में गेट नंबर 7 से आस्था कुंज पार्क में दाखिल हुए थे।
दक्षिण रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त (जेसीपी) विजय कुमार ने बताया, “कल रात 8.45 बजे पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) को फोन कर फरीदाबाद की 17 वर्षीय लड़की के बारे में बताया गया जो अपने 17 वर्षीय मित्र के साथ यहां आई थी। वे पहले मंदिर गए और फिर आस्था कुंज पार्क के थोड़े सुनसान इलाके की ओर चले गए।”
अधिकारी ने बताया कि तीन लोग खुद को कथित तौर पर पुलिसकर्मी बताते हुए उनके पास आए और उनसे “पुलिस और वकील जैसी” भाषा का इस्तेमाल करते हुए बात की और उन्हें बताया कि वे नाबालिग हैं, कुछ गलत कर रहे हैं और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है।
पुलिस ने बताया कि उन्होंने लड़की को लड़के से अलग किया और उसे एक सुनसान इलाके में ले गए। पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने बारी-बारी से लड़के को पकड़ लिया, जबकि अन्य ने लड़की के साथ दुष्कर्म किया।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता के पुरुष मित्र को आरोपियों ने कथित तौर पर पीटा था, जिसके बाद उसके मोबाइल फोन से पीसीआर कॉल की गई थी।
शिकायत के अनुसार, आसिफ ने लड़की को पिस्तौल और चाकू दिखाकर कथित तौर पर धमकाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। उसके साथ मौजूद दो अन्य व्यक्तियों ने भी उससे कथित तौर पर दुष्कर्म किया। उसके बाद तीनों व्यक्तियों ने लड़की और उसके दोस्त को धमकी दी।
लड़की की एम्स में चिकित्सीय जांच कराई गई जबकि अपराध और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर प्रासंगिक साक्ष्य एकत्र किए।
अमर कॉलोनी थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और बच्चों का यौन अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
आरोपियों का पता लगाने के लिए कई टीम का गठन किया गया। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को अमर कॉलोनी में डीएम ऑफिस रोड के पास आसिफ की आवाजाही के बारे में विशिष्ट सूचना मिली जिसके बाद जाल बिछाया गया।
पुलिस ने बताया कि जब पुलिस टीम ने उसे रोका, तो आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिए जाने के बावजूद आसिफ ने कथित तौर पर गोलीबारी शुरू कर दी और तीन गोलियां चलाईं। जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की।
मुठभेड़ स्थल पर अपराध जांच और एफएसएल (फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला) के दलों को बुलाया गया और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
जेसीपी ने यह भी कहा कि पार्क कई तरफ से खुला है जबकि चारदीवारी का कुछ हिस्सा भी टूटा हुआ है। उन्होंने कहा, “कुछ द्वारों पर गार्ड भी नहीं हैं जबकि कुछ स्थानों पर पर्याप्त रोशनी नहीं है।”
हेमंत और मुकेश के माता-पिता फरीदाबाद में रहते हैं। उनके पिता, वकील जे आर धनखड़ फरीदाबाद और दिल्ली दोनों की अदालतों में वकालत करते हैं।
अमर कॉलोनी थाने के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए, धनखड़ ने आरोप लगाया कि पुलिस उनके बेटों को मंगलवार सुबह लगभग सात बजे उनके घर से ले गई और उन्हें हिरासत में लेने का कारण भी नहीं बताया।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘उन्हें (बेटों को) पीटा गया। हम लड़की को नहीं जानते और मेरे बेटों का भी उससे कोई संबंध नहीं है। यह उन्हें मामले में फंसाने की साजिश है।’
धनखड़ ने कहा कि हेमंत दिल्ली की साकेत अदालत में वकालत करता है, जबकि मुकेश बीएससी गणित के अंतिम वर्ष का छात्र है।
पुलिस ने कहा कि पीड़िता फरीदाबाद की रहने वाली है और सोमवार शाम को दिल्ली आई थी।
दिल्ली में नाबालिगों के यौन उत्पीड़न से संबंधित घटनाओं में कालकाजी सामूहिक दुष्कर्म कांड पिछले दो सप्ताह में सामने आया चौथा मामला है।
सोमवार को मध्य दिल्ली के देशबंधु गुप्ता रोड इलाके में छह साल की बच्ची से कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में अंकित नाम के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
सदर बाज़ार इलाके में 17 सितंबर को छठी कक्षा की 11 वर्षीय छात्रा से एक दुकान के मालिक ने बंधक बनाकर कथित रूप से यौन उत्पीड़न किया। आरोपी मकसूद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
एक अन्य मामले में 10 सितंबर को, उत्तर पश्चिमी दिल्ली के स्वरूप नगर में 17 वर्षीय लड़की एक दोस्त से मिलने गई और बाद में उसके मित्र और उसके सहयोगियों द्वारा लड़की का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया। किशोरी बाद में मृत मिली। पुलिस का कहना है कि उसे कई बार चाकू मारा गया था।
उसका शव 13 सितंबर को मिला था और मामले में तीन नाबालिगों समेत चार लोगों को पकड़ लिया गया।
भाषा नोमान नोमान वैभव
वैभव