नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) ने अपने लंबे समय से चले आ रहे सहयोग समझौते को पांच और वर्षों के लिए बढ़ाने का फैसला किया है। यह समझौता अब आठ जनवरी, 2032 तक प्रभावी रहेगा।
ईएसए की ओर से सोमवार को की गई औपचारिक घोषणा के अनुसार, 10 सितंबर को पेरिस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष सम्मेलन के दौरान पत्रों के आदान-प्रदान के जरिए इस समझौते का नवीनीकरण किया गया।
जनवरी 2002 में लागू हुआ यह सहयोग समझौता, अंतरिक्ष गतिविधियों की व्यापक शृंखला में ईएसए और इसरो के बीच सहयोग के लिए एक रूपरेखा प्रदान करता है।
सहयोग के मौजूदा क्षेत्रों के अलावा, समझौते में अब अंतरिक्ष मौसम और मानव तथा रोबोटिक अन्वेषण को भी शामिल किया गया है, साथ ही बाह्य अंतरिक्ष गतिविधियों की स्थिरता के बढ़ते महत्व को भी मान्यता दी गई है।
ईएसए और इसरो ने पहले पृथ्वी अवलोकन, उपग्रह नौवहन, अंतरिक्ष विज्ञान और मिशन संचालन सहायता सहित कई कार्यक्रमों और पहलों पर साथ मिलकर काम किया है।
एक बयान में इसरो के अध्यक्ष डॉ. वी नारायणन ने कहा, “इसरो और ईएसए के बीच साझेदारी ने भारत और यूरोप के लिए ठोस लाभ प्रदान किए हैं और अंतरिक्ष गतिविधियों को आगे बढ़ाने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व को प्रदर्शित किया है। इस समझौते का नवीनीकरण हमारे समाजों के लाभ के लिए नवाचार और वैज्ञानिक प्रगति को आगे बढ़ाने की हमारी साझा महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।”
भाषा प्रशांत वैभव
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