लखनऊ, 19 अगस्त (भाषा) समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में शिक्षक दिवस पर बंद किए गए सभी 26 हजार स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित करेगी।
यादव ने आरोप लगाया कि स्कूल बंद किए जाने से पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) वर्ग के लोगों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है।
सपा प्रमुख ने यहां गोमती नगर इलाके में एक भागवत कथा में शामिल होने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारे पार्टी कार्यकर्ता सभी बंद स्कूलों तक पहुंचेंगे। हम कल कार्यक्रम की जानकारी जारी करेंगे।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने स्कूल तो खोले, लेकिन वहां पर्याप्त शिक्षक और सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा पाई।
उन्होंने कहा, ‘‘आपने बच्चों के लिए स्कूल खोले हैं, लेकिन वहां न तो शिक्षक हैं और न ही सुविधाएं। आप क्या उम्मीद करते हैं? उनका भविष्य कैसे बनेगा?’’
यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राज्य को शिक्षा और कृत्रिम मेधा (एआई) सहित नई प्रौद्योगिकी पर ध्यान देने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह नयी प्रौद्योगिकी और एआई का युग है। क्या हमारे मुख्यमंत्री एआई जानते हैं? शायद उन्हें लगता है कि ‘ए’ का मतलब उनका अपना नाम या किसी विपक्षी नेता का नाम है। यह कुछ भी नहीं है।’’
राज्य में हाल में हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों के बारे में यादव ने कहा कि युवा पीढ़ी जागरूक है और कुछ गलत होने पर चुप रहने को तैयार नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘नयी पीढ़ी में कोई झिझक नहीं है। अगर कुछ गलत है, तो वे उसे गलत कहते हैं।’’
इस दौरान उन्होंने समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया के उस विचार का उल्लेख किया कि अगर बुराइयों को खत्म करना है तो उन्हें बुरा कहा जाना चाहिए।
यादव ने कहा कि युवा पीढ़ी अपने जीवन और समाज में विकास तथा सुधार चाहती है।
यादव ने राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) और पिछले विधानसभा चुनाव में दोनों दलों के बीच गठबंधन के संबंध में अपनी हालिया टिप्पणी पर कहा कि राजनीतिक गठबंधन राजनीति का हिस्सा हैं और बनते-बिगड़ते रहते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘राजनीति में गठबंधन बनते हैं, गठबंधन टूटते हैं और नए गठबंधन बनते हैं। जो गठबंधन बने हैं, उनका फायदा और नुकसान सबको पता है। किसी से कुछ छिपा नहीं है।’’
यादव ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सीट-बंटवारे के संभावित फॉर्मूले पर अपनी हालिया सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में पूछे जाने पर कहा कि राजनीति में पिछड़े वर्ग के परिवारों की भागीदारी बढ़नी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि पिछड़े परिवारों की भागीदारी बढ़े।’’
उन्होंने कहा कि चाहे उनका प्रतिनिधित्व उनकी पार्टी के माध्यम से हो या अन्य दलों के माध्यम से, यह भागीदारी बढ़नी चाहिए।
यादव ने यह भी कहा कि राजग के सहयोगी अधिक सीट की मांग कर रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि भाजपा की चुनावी ताकत उनके समर्थन पर निर्भर है।
उन्होंने कहा, ‘‘उनके सहयोगियों को हटा दें और आपको पता भी नहीं चलेगा कि भाजपा कहां खड़ी है। आज भाजपा इन पार्टियों के कारण है।’’
पूर्व गठबंधन सहयोगियों के साथ सीट-बंटवारे पर यादव ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में रालोद को सपा से दोगुनी सीट मिलनी चाहिए थीं।
उन्होंने पूर्व गठबंधन सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) का नाम लिए बिना उसके नेता की ओर इशारा करते हुए भी इसी तरह का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘सभी दल, चाहे वे हमारे साथ रहे हों या नहीं, हम उन्हें बधाई देना चाहते हैं और अपनी शुभकामनाएं देना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि भाजपा उन्हें अधिक से अधिक सीटें दे।’’
यादव ने जाति आधारित गणना की अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि समुदायों को उनकी आबादी के अनुपात में अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘यदि आप जाति आधारित गणना चाहते हैं, तो भाजपा से इसकी उम्मीद न करें। भाजपा से जाति आधारित गणना की उम्मीद करना बबूल के पेड़ पर दशहरी आम ढूंढने जैसा है।’’
जापानी प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुलाकात पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए यादव ने कहा कि सरकार को अंतिम समय में विदेश यात्राएं करने के बजाय उत्तर प्रदेश के विकास पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने सड़कों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की गुणवत्ता को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा और निर्माण कार्यों में खामियों का आरोप लगाया।
यादव ने कहा कि करीब 7,000 करोड़ रुपये की लागत से बनी गोरखपुर लिंक रोड परियोजना की गुणवत्ता अपर्याप्त पाए जाने पर इसकी जांच की जानी चाहिए।
राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी की जांच में चंपत राय को ‘क्लीन चिट’ मिलने की खबरों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए यादव ने कार्यपालिका द्वारा की गई जांच की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैं अपने ही (पार्टी) कार्यकारी से किसी के माध्यम से जांच कराता हूं, तो मामला खत्म हो जाता है। मैं शायद ही खुद को खराब रिपोर्ट दूंगा।’’
भाषा अभिनव जफर खारी
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