नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में शहीद जवानों के बलिदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता : आनंदीबेन पटेल

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नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में शहीद जवानों के बलिदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता : आनंदीबेन पटेल

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  • Publish Date - August 15, 2026 / 07:16 PM IST,
    Updated On - August 15, 2026 / 07:16 PM IST

लखनऊ, 15 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षाबलों के जवानों के बलिदान को याद करते हुए शनिवार को कहा कि इस अभियान में कई सैनिकों ने अपने प्राण न्योछावर किए और कई परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया।

जन भवन में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पटेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की राज्यपाल रहते हुए उन्होंने नक्सलवाद से उत्पन्न गंभीर स्थिति को करीब से देखा था।

उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई थी और आम लोगों का दैनिक जीवन बेहद कठिन हो गया था।

राज्यपाल ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में शामिल सेना और सुरक्षा एजेंसियों के जवानों एवं अधिकारियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में कई माताओं ने अपने बेटे और कई पत्नियों ने अपने पति खो दिए।

जन भवन की ओर से जारी बयान के अनुसार पटेल ने कहा, ‘‘इसके बावजूद इन वीर जवानों ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ राष्ट्र के प्रति अपना कर्तव्य निभाया।’’

उन्होंने कहा कि अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास, रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्रयास किए जा रहे हैं।

इससे पहले, राज्यपाल ने जन भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

देश की प्रगति का उल्लेख करते हुए पटेल ने कहा कि पिछले वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में मदद मिली है। हालांकि, उन्होंने कहा कि अभी भी कई लोगों को गरीबी से बाहर लाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराना, किसानों का सहयोग करना और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए काम करना सभी की जिम्मेदारी है।

देश में जारी जनगणना प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने लोगों से अपील की कि वे गणना करने वाले अधिकारियों को अपने परिवार से जुड़ी सही और पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश के समग्र विकास के लिए बताए गए ‘सप्तधारा’ मार्ग का उल्लेख करते हुए पटेल ने कहा कि भारत को दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

राज्यपाल ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के महत्व पर भी प्रकाश डाला और कहा कि इसके वास्तविक अर्थ और स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को समझने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि एक समय ‘वंदे मातरम्’ के उच्चारण पर प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन इससे लोगों में पैदा हुआ आत्मसम्मान और देशभक्ति का भाव कभी कम नहीं हुआ।

पटेल ने उन देशभक्तों को भी याद किया जिन्होंने ‘वंदे मातरम्’ का गायन छोड़ने के बजाय जेल जाना स्वीकार किया।

इस अवसर पर जन भवन के अधिकारियों और कर्मचारियों तथा आदर्श माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया।

बयान के अनुसार, कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने नशामुक्ति का संकल्प भी लिया।

भाषा

आनन्द रवि कांत