लखनऊ, एक मई (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में वही प्रक्रिया पूरी तरह लागू की है, जो उत्तर प्रदेश में “परीक्षण” के तौर पर आजमाई जा चुकी है।
वह लखनऊ में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बात कर रहे थे।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी रात में लगभग चार घंटे तक मतगणना केंद्र पर स्ट्रांगरूम के बाहर बैठी थीं, जिससे जुड़े एक सवाल के जवाब में यादव ने कहा, “यही असली समस्या है कि हम किस पर भरोसा करें? आपको याद होगा कि पिस्तौल दिखाकर लोगों को मतदान करने से रोका जा रहा था। रिवॉल्वर के बल पर वोटिंग रोकी गई थी।”
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि भाजपा और निर्वाचन आयोग ने मिलकर पश्चिम बंगाल में वही पूरी प्रक्रिया लागू कर दी है, जो उन्होंने उत्तर प्रदेश में एक अभ्यास या प्रयोग के तौर पर की थी।”
सपा प्रमुख ने यह दावा भी किया कि पश्चिम बंगाल में केंद्रीय सुरक्षा बलों की एक समानांतर व्यवस्था बनाई गई है।
हालांकि उन्होंने साथ ही यह भी कहा, “इसके बावजूद दीदी (ममता बनर्जी) वहां चुनाव जीतेंगी और यह एक ऐतिहासिक जीत होगी।”
दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दक्षिण कोलकाता के सखावत मेमोरियल स्कूल पहुंचीं, जो भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र का मतगणना केंद्र है। इस मतगणना केंद्र में ईवीएम का स्ट्रांगरूम स्थित है।
उन्होंने मतदान में गड़बड़ी और ईवीएम से छेड़छाड़ की आशंका जताई।
निर्वाचन आयोग द्वारा चार मई को मतगणना केंद्रों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए क्यूआर कोड आधारित आईडी प्रणाली शुरू करने के फैसले पर अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा द्वारा लाई गई तकनीक पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
अधिकारियों के अनुसार, यह क्यूआर कोड प्रणाली पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों के साथ-साथ पांच राज्यों की सात सीट पर होने वाले उपचुनावों में मतगणना के दौरान लागू की जाएगी और बाद में यह सभी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में लागू होगी।
भाषा अरूनव जफर जोहेब
जोहेब