Sushasan Tihar 2026: जनता की समस्याओं का होगा तेजी से होगा समाधान, प्रदेश में शुरू हुआ “सुशासन तिहार”, सीएम साय ने अधिकारियों को दिए ये निर्देश

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Sushasan Tihar 2026: जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से आज से “सुशासन तिहार 2026” की शुरुआत आज से हो गई है।

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  • Publish Date - May 1, 2026 / 05:39 PM IST,
    Updated On - May 1, 2026 / 05:39 PM IST

Sushasan Tihar 2026 | Photo Credit: IBC24

Sushasan Tihar 2026: रायपुर: छत्तीसगढ़ में आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से आज से “सुशासन तिहार 2026” की शुरुआत आज से हो गई है। 10 जून तक चलने वाले इस अभियान के तहत प्रदेशभर में ग्रामीण और शहरी इलाकों में समाधान शिविर लगाए जा रहे हैं, (Sushasan Tihar 2026) जहां लोगों की शिकायतें सुनी और मौके पर ही समाधान की कोशिश की जाएगी। लेकिन इस पहल को लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है।

आम लोगों की समस्याओं का किया जाएगा निराकरण

सरकार का दावा है कि “सुशासन तिहार” के जरिए पंचायत और वार्ड स्तर तक पहुंचकर आम लोगों की समस्याओं का तेजी से निराकरण किया जाएगा। शिविरों में आवेदन लिए जाएंगे और संबंधित विभाग मौके पर ही समाधान करेंगे। इस दौरान जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है। खुद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मंत्री औचक निरीक्षण कर योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे। वहीं कई मंत्री, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि भी शिविरों में जाएंगे।

सीएम साय ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

इधर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि, वे आम जनता से शालीनता और संवेदनशीलता के साथ पेश आएं। (Sushasan Tihar 2026) स्पष्ट कहा कि अधिकारी लोगों की समस्याएं सुनें, उन्हें टालने की कोशिश न करें। प्रशासन की पहचान ही संवेदनशीलता और जवाबदेही से होनी चाहिए।

विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना

वहीं, “सुशासन तिहार” को लेकर विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर प्रदेश में सुशासन है, तो फिर इस तरह के तिहार की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में ना अपराध कम हुए हैं, ना किसानों का धान खरीदा गया और प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है।

कुल मिलाकर, एक तरफ सरकार “सुशासन तिहार” के जरिए जनता तक सीधा संवाद और समाधान का दावा कर रही है, (Sushasan Tihar 2026) तो वहीं विपक्ष इसे जमीनी हकीकत से दूर एक राजनीतिक अभियान बता रहा है। अब देखना होगा कि यह तिहार वाकई आम लोगों की समस्याओं का समाधान करता है या फिर सियासी बयानबाजी के बीच ही सीमित रह जाता है।

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