बहराइच जिले में अपहरण मामले में रिश्वत लेने के आरोप में तीन पुलिसकर्मी निलंबित

बहराइच जिले में अपहरण मामले में रिश्वत लेने के आरोप में तीन पुलिसकर्मी निलंबित

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  • Publish Date - January 17, 2026 / 03:28 PM IST,
    Updated On - January 17, 2026 / 03:28 PM IST

बहराइच (उत्तर प्रदेश), 17 जनवरी (भाषा) कोलकाता से एक लड़की के अपहरण के मामले में हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति को रिहा करने के लिए एक लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में थाना प्रभारी सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

कथित अपहरणकर्ता के बहनोई द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में जिन तीन पुलिसकर्मियों के नाम बताए गए हैं, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने जिस समय पीड़िता को बचाया, उस समय कथित अपहरणकर्ता ने उसे अपने बहनोई के घर में रखा था।

अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) दुर्गा प्रसाद तिवारी ने शनिवार को बताया कि गजेंद्र सिंह नामक एक व्यक्ति ने कोलकाता से एक लड़की का कथित तौर पर अपहरण किया और उसे बहराइच ले आया।

अधिकारी ने बताया कि लड़की को धनौली गौरा गांव में गजेंद्र के बहनोई मुनीजर सिंह के घर पर रखा गया था। यह गांव मटेरा थाने की सीमा में आता है।

लड़की के परिवार ने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के एक थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2) (अपहरण) के तहत मामला दर्ज कराया।

पश्चिम बंगाल पुलिस की एक टीम अपहृत लड़की की तलाश में 11 जनवरी को बहराइच पहुंची और मटेरा पुलिस टीम के साथ मिलकर लड़की को बचाया।

गजेंद्र, मुनीजर एवं लड़की को मटेरा थाने लाया गया।

अपर पुलिस अधीक्षक के अनुसार, बाद में मुनीजर सिंह ने देवीपाटन मंडल के पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय की भ्रष्टाचार निरोधक प्रकोष्ठ हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि पुलिस हिरासत से रिहाई के लिए उससे एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई।

उन्होंने बताया कि शिकायत का संज्ञान लेते हुए देवीपाटन मंडल के पुलिस महानिरीक्षक अमित पाठक ने मामले की विस्तृत गोपनीय जांच के आदेश दिए तथा तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगाए गए आरोप प्रथमदृष्टया सही पाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि मटेरा थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार बौद्ध, उप निरीक्षक विशाल जायसवाल और कांस्टेबल अवधेश यादव को शुक्रवार को निलंबित कर दिया गया।

अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि रिश्वत में दिए गए एक लाख रुपये शिकायतकर्ता को वापस कर दिए गए हैं।

भाषा सं आनन्द

संतोष सिम्मी

सिम्मी