सुलतानपुर (उप्र), 30 सितंबर (भाषा) सऊदी अरब में अलग-अलग घटनाओं में सुलतानपुर के दो लोगों की मौत के बाद उनके शवों को भारत लाने का रास्ता साफ हो गया है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने दोनों मामलों में अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी कर दिया है।
भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिला उपाध्यक्ष अब्दुल हक ने बुधवार को बताया कि अंतिम औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दोनों के पार्थिव शरीर सुलतानपुर स्थित उनके पैतृक गांव पहुंचने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि धनपतगंज थाना क्षेत्र के सरैया भरथी गांव निवासी नंदलाल पाल (52) वर्ष 2013 और फिर 2016 में रोजगार के सिलसिले में सऊदी अरब गए थे। वहां उन्हें किसी मामले में हिरासत में लिया गया था। गत 22 सितंबर को परिवार को फोन पर उनकी मौत की सूचना मिली।
हक के मुताबिक, वर्ष 2016 के बाद पति का इंतजार कर रही पत्नी रामकुमारी ने विदेश मंत्रालय से पार्थिव शरीर भारत लाने की गुहार लगाई थी।
इसी तरह, बधुआकला थाना क्षेत्र के हसनपुर गांव निवासी नाजिम के 26 वर्षीय पुत्र अब्दुल कादिर की 24 सितंबर को सऊदी अरब में सड़क हादसे में मौत हो गई। कादिर छह जून 2023 को रोजगार के सिलसिले में सऊदी अरब गया था।
हक ने बताया कि दोनों परिवारों की स्थिति को देखते हुए उन्होंने विदेश मंत्रालय और रियाद स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों से संपर्क किया तथा लगातार पैरवी और संपर्क के बाद दोनों मामलों में एनओसी जारी हुई।
उन्होंने बताया कि अब आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों शवों को उनके पैतृक गांव लाने की तैयारी की जा रही है। नंदलाल का शव भारत लाने का खर्च भारत सरकार, जबकि अब्दुल कादिर का शव भारत लाने का खर्च सऊदी अरब में उसकी कंपनी वहन कर रही है।
भाषा सं जफर मनीषा
मनीषा