प्रगति रिपोर्ट अपलोड करने में विफल रहने पर दो प्रमोटर पर 2.43 करोड़ रुपये का जुर्माना

Ads

प्रगति रिपोर्ट अपलोड करने में विफल रहने पर दो प्रमोटर पर 2.43 करोड़ रुपये का जुर्माना

  •  
  • Publish Date - March 10, 2026 / 12:57 AM IST,
    Updated On - March 10, 2026 / 12:57 AM IST

लखनऊ, नौ मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (उप्र रेरा) ने दो प्रमोटर पर प्राधिकरण के वेब पोर्टल पर अपनी पंजीकृत परियोजनाओं की अनिवार्य त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट (क्यूपीआर) अपलोड करने में विफल रहने पर 2.43 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है। यह जानकारी सोमवार को एक आधिकारिक बयान से मिली।

बयान के अनुसार यह कार्रवाई तब की गई जब इन प्रमोटर ने प्राधिकरण द्वारा भेजे गए कई स्मरण पत्रों और नोटिस के बावजूद क्यूपीआर को पोर्टल पर अद्यतन नहीं किया।

उप्र रेरा ने एक बार फिर सभी प्रवर्तकों (प्रमोटर) को कड़ा संदेश दिया है कि नियामकीय प्रावधानों का उल्लंघन, विशेष रूप से पारदर्शिता और उपभोक्ता हितों से जुड़े मामलों में, किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पहले मामले में लखनऊ में प्रोजेक्ट प्रमोटर अर्पिता इनफिनिटी पर प्रोजेक्ट की प्रगति रिपोर्ट पोर्टल पर अपडेट नहीं करने पर 16.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

बयान के अनुसार, परियोजना 10 जुलाई, 2024 को शुरू हुई और 31 जनवरी, 2027 तक पूरी होनी है। हालांकि, प्राधिकरण के बार-बार नोटिस के बावजूद प्रमोटर लगातार चार तिमाहियों तक क्यूपीआर अपलोड करने में विफल रहा। बयान में कहा गया है मामले की जांच के बाद उप्र रेरा ने प्रोजेक्ट लागत के पांच फीसदी के बराबर जुर्माना लगाया।

बयान के अनुसार, दूसरे मामले में, प्राधिकरण ने इसी तरह के उल्लंघन के लिए लखनऊ में गणपति स्मार्ट सिटी परियोजना के प्रमोटर पर 2.27 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। इसके अनुसार तीस सितंबर, 2024 को शुरू हुई यह परियोजना 24 अक्टूबर, 2026 तक पूरी होनी है। बयान के अनुसार, प्राधिकरण से कई नोटिस मिलने के बाद भी प्रमोटर लगातार तीन तिमाहियों तक क्यूपीआर अपलोड करने में विफल रहा।

बयान के अनुसार, जांच के बाद, उप्र रेरा ने 45 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना लागत का पांच प्रतिशत जुर्माना लगाया। प्राधिकरण ने कहा कि रियल एस्टेट परियोजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 के तहत त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट एक प्रमुख आवश्यकता है।

उप्र रेरा ने घर खरीदारों और संभावित खरीदारों को निवेश करने या आगे किस्तों का भुगतान करने से पहले परियोजनाओं की क्यूपीआर स्थिति की जांच करने की भी सलाह दी।

कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए, उप्र रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि प्राधिकरण रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और घर खरीदारों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा, ‘क्यूपीआर को समय पर अपडेट करना प्रत्येक प्रमोटर की वैधानिक जिम्मेदारी है और परियोजना की प्रगति में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण जरिया है। जो प्रमोटर रेरा अधिनियम के प्रावधानों और प्राधिकरण के निर्देशों का पालन करने में विफल रहेंगे, उन्हें सख्त नियामक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।’

बयान में कहा गया है कि प्राधिकरण ने दोनों प्रमोटर को 15 दिनों के भीतर उप्र रेरा, लखनऊ के पक्ष में बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से जुर्माना जमा करने और सभी लंबित क्यूपीआर को पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया है।

भाषा किशोर जफर अमित

अमित