अमेठी, आठ जनवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तर प्रदेश इकाई के वरिष्ठ नेता और जगदीशपुर से विधायक सुरेश पासी के ‘मुझे मुस्लिम वोट नहीं चाहिए’ वाले बयान से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
पासी के बयान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आया है।
पासी को मात्र 20 सेकंड के इस वीडियो में यह कहते हुए सुना जा सकता है कि उन्हें मुस्लिम वोट नहीं चाहिए और वह न तो मस्जिदों में जाते हैं तथा न ही समुदाय के किसी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होते हैं।
भाजपा विधायक सात जनवरी को एक पुल के उद्घाटन में भाग लेने के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
पासी ने वीडियो में कहा कि उन्हें मुस्लिम वोटों की जरूरत नहीं है और उनका रुख ‘बिल्कुल साफ’ है।
इस संबंध में टिप्पणी के लिए भाजपा विधायक से संपर्क नहीं हो सका।
भाजपा ने इस बयान से खुद को अलग कर लिया और इसे पासी का निजी विचार बताया।
पार्टी की जिला इकाई के अध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने कहा कि इन टिप्पणियों का भाजपा की विचारधारा से कोई लेना-देना नहीं है।
शुक्ला ने कहा, “भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ में विश्वास करती है। यह पार्टी का रुख साफ है। सुरेश पासी ने जो कहा वह उनकी निजी राय है।”
हालांकि, विपक्षी पार्टियों ने भाजपा नेता की कड़ी आलोचना की।
कांग्रेस की जिला इकाई के अध्यक्ष प्रदीप सिंघल ने इस बयान को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया।
सिंघल ने आरोप लगाया, “जब भी चुनाव आते हैं, भाजपा नेता ऐसे बयान देते हैं। वे सिर्फ वोट पाने के लिए भाई को भाई से, एक धर्म को दूसरे धर्म से और एक जाति को दूसरी जाति से लड़ाने की कोशिश करते हैं। यह सब नाटक है।”
समाजवादी पार्टी की जिला इकाई के अध्यक्ष राम उदित यादव ने कहा कि ये टिप्पणियां समाज में नफरत फैलाने के मकसद से की गई हैं।
यादव ने कहा, “हिंदू-मुस्लिम बंटवारा करना भाजपा की राजनीति है। सुरेश पासी उसी पार्टी के हैं और वोटों के लिए भाजपा किसी भी हद तक जा सकती है।”
भाषा सं जफर मनीषा जितेंद्र
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