उप्र: कांग्रेस ने पार्टी प्रवक्ता के साथ दुर्व्यवहार को लेकर राजू दास की बहस का बहिष्कार किया

उप्र: कांग्रेस ने पार्टी प्रवक्ता के साथ दुर्व्यवहार को लेकर राजू दास की बहस का बहिष्कार किया

उप्र: कांग्रेस ने पार्टी प्रवक्ता के साथ दुर्व्यवहार को लेकर राजू दास की बहस का बहिष्कार किया
Modified Date: August 25, 2026 / 04:17 pm IST
Published Date: August 25, 2026 4:17 pm IST

लखनऊ, 25 अगस्त (भाषा) कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई ने मंगलवार को कहा कि पार्टी का कोई भी प्रवक्ता टेलीविजन चैनलों पर होनी वाली उन बहस में हिस्सा नहीं लेगा, जिसमें अयोध्या के संत राजू दास भी परिचर्चा में शामिल होंगे।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि दास ने बहस के दौरान पार्टी प्रवक्ता के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें धमकी दी।

कांग्रेस की प्रदेश इकाई के मीडिया विभाग के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री सीपी राय ने एक बयान में कहा कि दास ने सोमवार को डीडी न्यूज पर एक बहस के दौरान “शालीनता की सभी सीमाएं” पार कर दीं।

उन्होंने आरोप लगाया कि दास ने पार्टी प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया और उन्हें धमकी दी।

राय ने घटना को “शर्मनाक और अक्षम्य” करार देते हुए कहा कि बहस में शामिल डीडी न्यूज की दो महिला एंकर भी स्तब्ध रह गईं और कार्यक्रम को बीच में ही रोकना पड़ा।

राय ने कहा कि प्रसारण के दौरान दास के कथित आचरण को देखते हुए कांग्रेस ने ऐसी बहसों के बहिष्कार का फैसला किया है।

कांग्रेस ने कार्यक्रम की मूल रिकॉर्डिंग, वीडियो फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पार्टी ने कहा कि अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

पार्टी ने आरोप लगाया कि दास ने निषाद के खिलाफ अश्लील और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया।

कांग्रेस ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों को तर्कों के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए, न कि व्यक्तिगत दुर्व्यवहार या धमकियों के जरिए।

राय ने कहा, “कांग्रेस कार्यकर्ता दुर्व्यवहार से नहीं डरते। हम संविधान और कानून में विश्वास करते हैं और हर सवाल का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देने में विश्वास करते हैं।”

पार्टी ने यह भी कहा कि भगवा वस्त्र पहनना या धार्मिक पहचान रखना किसी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं रखता और न ही उसे सार्वजनिक रूप से किसी अन्य नागरिक का अपमान करने का अधिकार देता है।

राजू दास ने अभी तक इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं दी।

भाषा जफर जितेंद्र

जितेंद्र


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