उप्र: परिवर्तित साइलेंसर, अवैध हूटर से होने वाले ध्वनि प्रदूषण को लेकर अदालत गंभीर

उप्र: परिवर्तित साइलेंसर, अवैध हूटर से होने वाले ध्वनि प्रदूषण को लेकर अदालत गंभीर

उप्र: परिवर्तित साइलेंसर, अवैध हूटर से होने वाले ध्वनि प्रदूषण को लेकर अदालत गंभीर
Modified Date: March 20, 2026 / 10:10 pm IST
Published Date: March 20, 2026 10:10 pm IST

लखनऊ, 20 मार्च (भाषा) परिवर्तित साइलेंसर और अवैध हूटर से हो रहे ध्वनि प्रदूषण को गंभीरता से लेते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने शुक्रवार को पुलिस महानिदेशक और परिवहन आयुक्त को समन जारी कर दो अप्रैल को वीडियो कान्फ्रेंस के जरिए पेश होने को कहा।

न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति एके चौधरी की खंडपीठ ने ध्वनि प्रदूषण के मुद्दे पर 2021 में स्वतः संज्ञान लेकर दर्ज एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।

अदालत ने इन अधिकारियों से ये पूछा कि परिवर्तित साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न के विनिर्माण एवं बिक्री पर रोक लगाने के लिए पिछले पांच वर्षों में क्या कदम उठाए गए हैं। अदालत ने अधिकारियों को अगली सुनवाई की तारीख पर विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।

अधिकारियों की उदासीनता पर चिंता व्यक्त करते हुए पीठ ने कहा कि संबंधित विभागों की एक संयुक्त समित गठित करने के पूर्व के निर्देशों के बावजूद राज्य सरकार के वकील यह पुष्टि नहीं कर सके कि क्या इस तरह की समिति गठित की गई है।

अदालत ने कहा कि परिवर्तित साइलेंसर और हूटर से ध्वनि प्रदूषण आधी रात को भी बार बार सुना जाता है जिससे लोगों को असुविधा होती है। इस तरह के उल्लंघन पर अंकुश लगाने की प्राथमिक जिम्मेदारी गृह एवं परिवहन विभागों पर है और यदि तुरंत प्रभावी उपाय नहीं किए जाते हैं तो सख्त निर्देश दिए जाएंगे।

भाषा सं राजेंद्र सुरभि

सुरभि


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