झांसी, 11 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के झांसी में सोशल मीडिया मंच पर एक धार्मिक स्थल से विस्फोटक मिलने जैसी गलत सूचना प्रसारित किए जाने को लेकर पुलिस ने संबंधित पोस्ट करने वाले यूजर्स के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक (नगर) प्रीति सिंह ने बताया कि मंगलवार से कुछ सोशल मीडिया मंचों पर यहां एक मस्जिद से विस्फोटक मिलने संबंधी गलत एवं भ्रामक सूचना प्रसारित की जा रही थीं।
उन्होंने बताया कि इससे पहले 25 जनवरी को भी सोशल मीडिया पर पुलिस द्वारा एक मौलाना को हिरासत में लेने का वीडियो प्रसारित हुआ था।
अधिकारी ने हालांकि स्पष्ट किया कि विवादित वीडियो वास्तव में 17 जनवरी का है, जब झांसी नगर निगम की एक टीम ने निगम के बकाया का भुगतान न करने के कारण प्रेमनगर थाना क्षेत्र के इस्लामगंज में दुकानें बंद कराई थीं।
उन्होंने बताया, “वीडियो उस समय का है जब नगर निगम की टीम बकाया शुल्क जमा न करने वाले व्यापारियों की दुकानें बंद करा रही थी। इसका किसी मस्जिद या विस्फोटक से कोई संबंध नहीं है।”
प्रीति ने बताया कि पुलिस ने 25 जनवरी की पोस्ट पर तुरंत संज्ञान लिया, खंडन जारी किया और संबंधित यूजर्स के खिलाफ प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
उन्होंने बताया कि भ्रामक वीडियो प्रसारित करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जायेगी।
अधिकारी ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि वह इस प्रकार की भ्रामक वीडियो व तथ्यहीन सामग्री को सोशल मीडिया पर प्रसारित न करें।
भाषा सं जफर जितेंद्र
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