उप्र: स्मार्ट पुलिसिंग के लिए 44 हजार करोड़ रुपये, महिला-बाल कल्याण के लिए 18,620 करोड़ आवंटित

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उप्र: स्मार्ट पुलिसिंग के लिए 44 हजार करोड़ रुपये, महिला-बाल कल्याण के लिए 18,620 करोड़ आवंटित

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  • Publish Date - February 12, 2026 / 12:06 AM IST,
    Updated On - February 12, 2026 / 12:06 AM IST

लखनऊ, 11 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए स्मार्ट और प्रौद्योगिकी आधारित पुलिसिंग पर 44 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया है।

बजट में साथ ही महिला एवं बाल विकास योजनाओं के लिए 18,620 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।

वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बुधवार को विधानसभा में 2026-27 के लिए 9.12 लाख हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट पेश किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.2 प्रतिशत अधिक है।

इस बजट को अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार का अंतिम पूर्ण बजट माना जा रहा है।

एक बयान के अनुसार, तकनीकी रूप से सशक्त पुलिसिंग के तहत साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर की स्थापना के लिए 95.16 करोड़ रुपये, साइबर थानों के आधुनिकीकरण के लिए 12.15 करोड़ रुपये, मिशन शक्ति के अंतर्गत महिला बीट कर्मियों के लिए वाहनों की व्यवस्था के लिए 25 करोड़ रुपये और यूपी-112 आपात प्रतिक्रिया प्रणाली के लिए नई गाड़ियों के मद में 27.51 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा तीन नई राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) इकाइयों को क्रियाशील करने के लिए 15 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।

औद्योगिकीकरण और शहरीकरण को ध्यान में रखते हुए अग्निशमन सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए दमकल वाहनों, उपकरणों व संचालन व्यवस्था के लिए 190 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

बजट में मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए एक करोड़ रुपये का कोष बनाया गया है।

वैज्ञानिक अनुसंधान एवं जांच को मजबूत करने के उद्देश्य से तीन नव-निर्मित विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं को पूर्ण सुविधाओं से लैस कर संचालित करने के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

पुलिस के लिए अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए 1,374 करोड़ रुपये तथा आवासीय भवनों के लिए 1,243 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है।

वित्त मंत्री ने 2016 के तुलनात्मक आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था को मजबूत करना है।

वित्त मंत्री के अनुसार, डकैती के मामलों में 89 प्रतिशत, लूट में 85 प्रतिशत, हत्या में 47 प्रतिशत, दंगों में 70 प्रतिशत और फिरौती के लिए अपहरण में 62 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

उन्होंने दावा किया कि महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में भी गिरावट आई है।

मंत्री ने बताया कि हत्या के मामलों में 48 प्रतिशत, दहेज हत्या में 19 प्रतिशत, दुष्कर्म में 67 प्रतिशत और छेड़छाड़ के मामलों में 34 प्रतिशत कमी दर्ज की गई है। बजट में महिला एवं बाल विकास क्षेत्र के लिए 18,620 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो 2025-26 की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक है।

निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत 3,500 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।

इसके लाभार्थियों की संख्या 2016-17 में 17.32 लाख से बढ़कर 2025-26 में 38.58 लाख हो गई है।

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे जनवरी 2026 तक 26.81 लाख बालिकाएं लाभान्वित हुई हैं।

बजट में कामकाजी महिला छात्रावासों के निर्माण हेतु 100 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के लिए 35 करोड़ रुपये का प्रावधान है।

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लिए 252 करोड़ रुपये और बाल आश्रय योजना के तहत भवन निर्माण के लिए 80 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं।

पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने बजट प्रावधानों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे साइबर आधुनिकीकरण, डिजिटल एवं फॉरेंसिक जांच, यूपी-112 के विस्तार, महिला बीट कर्मियों के लिए वाहनों की व्यवस्था, एसडीआरएफ इकाइयों के सशक्तीकरण और अग्निशमन सेवाओं को गति मिलेगी।

उन्होंने इसे ‘सुरक्षित और समृद्ध उत्तर प्रदेश’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

भाषा सलीम जितेंद्र

जितेंद्र