लखनऊ, 10 जुलाई (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर राज्य सरकार से जवाब तलब किया।
याचिका में राज्य सरकार द्वारा ग्राम प्रधानों को उनके पांच वर्ष के कार्यकाल की समाप्ति के बाद ग्राम पंचायतों का प्रशासक नियुक्त किये जाने के प्रावधान को चुनौती दी गई।
मामले की अगली सुनवाई चार अगस्त को होगी।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजरी शुक्ला की खंडपीठ ने एसके की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया।
अदालत ने सुनवाई के दौरान पंचायत चुनाव कराने के लिए आवश्यक उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट की वर्तमान स्थिति की जानकारी भी तलब की।
याचिका में बताया गया कि उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम की धारा 12(3-क) संविधान के प्रावधानों के विपरीत है, क्योंकि इसके माध्यम से सरकार ग्राम पंचायतों का संवैधानिक कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त कर उनके अधिकारों को जारी रख रही है।
याचिका में 25 मई, 2026 को प्रदेशभर में ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने संबंधी शासनादेश को भी रद्द करने का अनुरोध किया गया था।
याचिकाकर्ता ने दलील दी कि वर्ष 2000 में अध्यादेश के माध्यम से लाए गए इसी तरह के प्रावधान को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रेमलाल पटेल मामले में असंवैधानिक घोषित कर दिया था।
राज्य सरकार ने उस फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी लेकिन बाद में चुनाव संपन्न होने और अध्यादेश के स्थान पर कानून लागू हो जाने के कारण शीर्ष अदालत ने अपील का निस्तारण कर दिया था।
साथ ही, इस प्रावधान की संवैधानिक वैधता के प्रश्न को उच्च न्यायालय के विचार के लिए खुला छोड़ दिया था।
इसी आधार पर याचिकाकर्ता ने दलील दी कि बाद में अधिनियम में जोड़ी गई धारा 12(3-क) भी उन्हीं संवैधानिक खामियों से प्रभावित है इसलिए इस धारा के आधार पर जारी 25 मई, 2026 के शासनादेश को भी निरस्त किया जाना चाहिए।
वहीं, राज्य सरकार की ओर से विशेष रूप से नियुक्त वरिष्ठ अधिवक्ता जे. एन. माथुर ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने इस मुद्दे को उच्च न्यायालय के विचार के लिए खुला छोड़ा है इसलिए पीठ इस प्रावधान की संवैधानिक वैधता पर फैसला करने के लिए सक्षम है और मामले को बड़ी पीठ के पास भेजने की आवश्यकता नहीं है।
भाषा सं जफर जितेंद्र
जितेंद्र