उप्र: पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी प्रतिक्रिया केंद्र की शुरुआत की

उप्र: पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी प्रतिक्रिया केंद्र की शुरुआत की

उप्र: पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी प्रतिक्रिया केंद्र की शुरुआत की
Modified Date: June 2, 2026 / 12:27 am IST
Published Date: June 2, 2026 12:27 am IST

लखनऊ, एक जून (भाषा) उत्तर प्रदेश पुलिस ने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सोमवार को लखनऊ में 1930 साइबर अपराध हेल्पलाइन के उन्नत 2.0 केंद्र और ‘साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर’ (सीएफएमसी) की शुरुआत की।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्णा ने साइबर अपराध के महानिदेशक बी.के. सिंह और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के क्षेत्रीय निदेशक पंकज कुमार की उपस्थिति में कल्ली पश्चिम पुलिस लाइंस में इन सुविधाओं का उद्घाटन किया।

कृष्णा ने बताया कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में तत्काल शिकायत दर्ज कराना बेहद जरूरी है, क्योंकि शुरुआती कुछ मिनट वित्तीय नुकसान रोकने में अहम भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने बताया, ‘‘केवल ‘गोल्डन ऑवर’ ही नहीं बल्कि ‘गोल्डन मिनट्स’ भी महत्वपूर्ण हैं। पीड़ितों को तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करना चाहिए ताकि समय रहते धनराशि को फ्रीज किया जा सके।’’

अधिकारियों के अनुसार, नई सुविधा में 30 सीट वाला अतिरिक्त साइबर कॉल सेंटर और सुदृढ़ सीएफएमसी शामिल है।

उन्होंने बताया कि इससे संदिग्ध लेनदेन को तेजी से रोकने और पीड़ितों की धनराशि सुरक्षित रखने के लिए बैंकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।

पुलिस महानिदेशक ने बताया कि आरबीआई और बैंकिंग संस्थानों के सहयोग से विकसित यह प्रणाली साइबर वित्तीय अपराधों पर अंकुश लगाने व नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने के प्रयासों को मजबूती देगी।

भाषा आनन्द जितेंद्र

जितेंद्र


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