उप्र एसआईआर:अंतिम सूची में 84 लाख से अधिक मतदाता जोड़े गए,कुल मतदाता संख्या 13.39 करोड़ हुई

उप्र एसआईआर:अंतिम सूची में 84 लाख से अधिक मतदाता जोड़े गए,कुल मतदाता संख्या 13.39 करोड़ हुई

उप्र एसआईआर:अंतिम सूची में 84 लाख से अधिक मतदाता जोड़े गए,कुल मतदाता संख्या 13.39 करोड़ हुई
Modified Date: April 10, 2026 / 03:43 pm IST
Published Date: April 10, 2026 3:43 pm IST

लखनऊ, 10 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने शुक्रवार को कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के बाद प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में राज्य में 84 लाख से अधिक मतदाताओं की वृद्धि हुई है, जिससे कुल मतदाता संख्या 13.39 करोड़ हो गई है।

यहां लोक भवन मीडिया सेंटर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए रिणवा ने कहा कि एसआईआर कार्यक्रम 27 अक्टूबर, 2025 से 10 अप्रैल, 2026 तक आयोजित किया गया था, जिसमें राज्य भर के सभी 75 जिलों, 403 विधानसभा क्षेत्रों और मतदान केंद्रों को शामिल किया गया था।

उन्होंने कहा कि 166 दिनों तक चला यह कार्यक्रम 75 जिला चुनाव अधिकारियों (डीईओ), 403 चुनावी पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ), 12,758 सहायक ईआरओ, 18,026 बीएलओ पर्यवेक्षकों और 1,77,516 बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) के योगदान से किया गया था।

इसके अलावा, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के 5,82,877 बूथ-स्तरीय एजेंटों और करोड़ों मतदाताओं ने सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया ने भी जागरूकता प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

रिणवा ने कहा कि छह जनवरी, 2026 को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में कुल 12,55,56,025 मतदाता थे, जिनमें 6.88 करोड़ पुरुष मतदाता, 5.67 करोड़ महिला मतदाता और 4,119 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल थे।

18-19 वर्ष के आयु वर्ग में मतदाताओं की संख्या 3,33,981 थी, जबकि लिंगानुपात के लिहाज से प्रति 1,000 पुरुष मतदाताओं पर महिला मतदाता की संख्या 824 थी।

उन्होंने कहा कि 10 अप्रैल, 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में मतदाताओं की कुल संख्या 13,39,84,792 है।

इनमें से पुरुष मतदाताओं की संख्या 7,30,71,071 (लगभग 54 प्रतिशत), महिला मतदाताओं की संख्या 6,09,09,525 (45.46 प्रतिशत) और तीसरे लिंग के मतदाताओं की संख्या 4,206 (0.01 प्रतिशत से कम) है।

रिणवा ने कहा कि 18-19 वर्ष के आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या बढ़कर 17,63,360 हो गई है, जो कुल मतदाताओं का 1.32 प्रतिशत है। लिंग अनुपात में भी सुधार हुआ है और प्रति 1,000 पुरुष मतदाताओं पर 834 महिला मतदाता हैं।

मसौदा और अंतिम मतदाता सूचियों की तुलना करते हुए रिणवा ने बताया कि मतदाताओं की संख्या में 84,28,767 की वृद्धि हुई है। इसमें 42,27,902 पुरुष मतदाता, 42,00,778 महिला मतदाता और 87 मतदाता तृतीय लिंग के हैं।

रिणवा के अनुसार, 18-19 वर्ष के आयु वर्ग में 14,29,379 मतदाताओं की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि लिंगानुपात 10 अंक सुधरकर 824 से 834 हो गया।

उन्होंने आगे कहा कि जिलों में, प्रयागराज में मतदाताओं में सबसे अधिक 3,29,421 की वृद्धि दर्ज की गई, इसके बाद लखनऊ (2,85,961), बरेली (2,57,000 से अधिक), गाजियाबाद (2,43,666) और जौनपुर (2,37,590) हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि पुनरीक्षण प्रक्रिया का सफल समापन राज्यभर में चुनाव अधिकारियों, राजनीतिक दलों और मतदाताओं के समन्वित प्रयासों को दर्शाता है।

उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र स्तर पर, गाजियाबाद के साहिबाबाद में सबसे अधिक 82,898 मतदाताओं की वृद्धि दर्ज की गई, इसके बाद जौनपुर (विधानसभा क्षेत्र संख्या 366) में 56,118 मतदाता बढ़े। लखनऊ पश्चिम में 54,822 मतदाताओं की वृद्धि देखी गई, गाजियाबाद के लोनी में 53,679 मतदाता बढ़े और फिरोजाबाद विधानसभा क्षेत्र में 47,757 मतदाताओं की वृद्धि दर्ज की गई।

रिणवा ने कहा कि संशोधन प्रक्रिया के दौरान, लगभग 1.04 करोड़ मतदाताओं की पहचान मिलान न कराने वाले ‘नॉन-मैप्ड’ के रूप में की गई, जबकि 2.22 करोड़ मामलों में तार्किक विसंगतियां शामिल थीं।

14 जनवरी, 2026 से नोटिस जारी किए गए, 21 जनवरी से सुनवाई निर्धारित की गई और सभी नोटिस तैयार और वितरित किए गए। सुनवाई 27 मार्च, 2026 तक पूरी हो गई

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान किसी भी मतदाता का नाम उचित प्रक्रिया के बिना नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘अगर मसौदा मतदाता सूची में मौजूद कोई नाम अंतिम मतदाता सूची में गायब है, तो यह या तो प्रपत्र-6 आवेदन के कारण है या उचित सुनवाई के बाद ईआरओ द्वारा लिए गए निर्णय के कारण है।’’

राजनीतिक दलों की भागीदारी पर प्रकाश डालते हुए रिणवा ने कहा कि एसआईआर की घोषणा के बाद मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ पांच बैठकें आयोजित की गईं – 29 अक्टूबर, 2025; 19 नवंबर, 2025; आठ दिसंबर, 2025; छह जनवरी, 2026 और 27 जनवरी, 2026 को । यह बैठकें उन्हें निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों से अवगत कराने और प्रतिक्रिया लेने के लिए आयोजित की गयीं।

उन्होंने कहा कि राज्य भर में जिला चुनाव अधिकारियों द्वारा मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ 904 बैठकें आयोजित की गईं।

इस प्रक्रिया में कुल 5,82,877 बूथ-स्तरीय एजेंटों ने भाग लिया, जिनमें भारतीय जनता पार्टी के 1,61,581, समाजवादी पार्टी के 1,57,631, बहुजन समाज पार्टी के 1,54,224, कांग्रेस के 97,153, आम आदमी पार्टी के 6,480, अपना दल (एस) के 5,693 और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के 315 शामिल थे।

रिणवा ने कहा कि इस दौरान राजनीतिक दलों से 107 ज्ञापन प्राप्त हुए, जिनमें समाजवादी पार्टी के 85, भाजपा के 10, कांग्रेस के नौ और बसपा, माकपा और आप के एक-एक ज्ञापन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन ज्ञापनों में उल्लिखित सभी शिकायतों का समाधान कर दिया गया है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी अपील की कि निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के निर्णय से असंतुष्ट कोई भी व्यक्ति लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत अंतिम नामावली के प्रकाशन के 15 दिनों के भीतर जिलाधिकारी के समक्ष पहली अपील दायर कर सकता है। यदि फिर भी असंतुष्ट है, तो जिलाधिकारी के निर्णय के 30 दिनों के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष दूसरी अपील दायर की जा सकती है।

भाषा जफर किशोर मनीषा मनीषा संतोष

संतोष


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