उप्र: फरार महिला को अदालत परिसर से गिरफ्तार करने की कोशिश करने के लिए तीन पुलिसकर्मी निलंबित

उप्र: फरार महिला को अदालत परिसर से गिरफ्तार करने की कोशिश करने के लिए तीन पुलिसकर्मी निलंबित

उप्र: फरार महिला को अदालत परिसर से गिरफ्तार करने की कोशिश करने के लिए तीन पुलिसकर्मी निलंबित
Modified Date: January 23, 2026 / 07:11 pm IST
Published Date: January 23, 2026 7:11 pm IST

लखनऊ, 23 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के लखनऊ में अदालत परिसर के अंदर से एक महिला को गिरफ्तार करने की कोशिश के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। अधिकरियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि ये पुलिसकर्मी वैवाहिक विवाद के कारण अपने ही पति को झूठे मामले में फंसाने की दो बार साजिश रचने वाली महिला को पकड़ने के लिए गये थे।

पुलिस के मुताबिक, 14 जनवरी को पुलिस ने काकोरी क्षेत्र में एक ऑनलाइन पोर्टर वाहन को रोका और लगभग 12 किलो संदिग्ध गोमांस बरामद किया।

पुलिस ने बताया कि इस गोमांस की आपूर्ति अमीनाबाद के एक व्यापारी वासिफ को की जानी थी, जिसने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया और इसके बाद मामले की गहन जांच शुरू की गई।

पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच के दौरान जांचकर्ताओं को संदेह हुआ कि खेप को जानबूझकर कारोबारी को फंसाने के लिए भेजा गया था।

स्थानीय पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जांच में वैवाहिक विवाद से जुड़ी एक कथित साजिश का पता चला, जिसमें कारोबारी वासिफ की पत्नी अमीना और उसके साथी अमान (भोपाल निवासी) की भूमिका का पता चला।

पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी इस तरह का मामला सामने आया था, जिसके बाद अमान को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि अमीना फरार है।

पुलिस के मुताबिक, इस सप्ताह के शुरू में लखनऊ उच्च न्यायालय परिसर के भीतर पुलिसकर्मियों ने अमीना को गिरफ्तार करने का प्रयास किया, जिसके बाद उसके वकील ने थाने में शिकायत दर्ज कराई।

गोमती नगर के विभूति खंड थाने में नियमों के उल्लंघन का आरोप में संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।

प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 329(3) (आपराधिक अतिक्रमण), 351(3) (आपराधिक धमकी) और 352 (शांति भंग करने के इरादे से उकसाना) का आरोप लगाया गया है।

लखनऊ पश्चिम के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) विश्वजीत श्रीवास्तव ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि इस घटना के संबंध में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।

उन्होंने बताया, “कथित साजिश व निलंबित पुलिसकर्मियों की कार्रवाई दोनों की जांच जारी है और पुलिस मामले में नामजद महिला की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के प्रयास कर रही है।”

भाषा किशोर आनन्द जितेंद्र

जितेंद्र


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