“मोहब्बत हमारे साथ की और शादी मोदी जी से कर ली”… इस नेता के विदाई भाषण में खड़गे का तंज, पीएम मोदी भी नहीं रोक पाए अपनी हंसी

Mallikarjun Kharge in Rajya Sabha: उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, “पहले वे हमारे साथ थे, फिर पता नहीं क्या हुआ कि हमसे दूर हो गए, मोहब्बत हमारे साथ की और शादी मोदी जी से कर ली।

“मोहब्बत हमारे साथ की और शादी मोदी जी से कर ली”… इस नेता के विदाई भाषण में खड़गे का तंज, पीएम मोदी भी नहीं रोक पाए अपनी हंसी

mallikarjun kharge/ image source: IBC24

Modified Date: March 18, 2026 / 01:07 pm IST
Published Date: March 18, 2026 1:07 pm IST
HIGHLIGHTS
  • विदाई भाषण में खड़गे भावुक
  • 54 साल के अनुभव का जिक्र
  • देवगौड़ा पर मजाकिया टिप्पणी

Mallikarjun Kharge in Rajya Sabha: नई दिल्ली: राज्यसभा में विदाई भाषण के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि विदाई का जिक्र आते ही मन भारी हो जाता है और समझ नहीं आता कि बात कहां से शुरू करें। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में काम करने वाला व्यक्ति कभी रिटायर नहीं होता और न ही टायर्ड होता है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि 54 साल के संसदीय अनुभव के बावजूद उन्हें आज भी सीखने की जरूरत महसूस होती है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति संपूर्ण ज्ञानी नहीं होता और संसदीय जीवन में खट्टे-मीठे दोनों तरह के अनुभव मिलते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जो साथी जा रहे हैं, उनमें से कई फिर लौटकर आएंगे और सदन को बेहतर बनाने में योगदान देंगे।

Rajya Sabha farewell speech: अपने भाषण में खरगे ने क्या कहा ?

अपने भाषण में मल्लिकार्जुन खड़गे ने पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा का जिक्र करते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वे उन्हें 54 साल से जानते हैं। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, “पहले वे हमारे साथ थे, फिर पता नहीं क्या हुआ कि हमसे दूर हो गए, मोहब्बत हमारे साथ की और शादी मोदी जी से कर ली।” उनके इस बयान पर सदन में हल्की मुस्कान देखने को मिली और pm नरेंद्र मोदी भी हंसते नजर आए। इसके अलावा उन्होंने रामदास अट्ठावले की खास शैली और उनकी कविताओं का जिक्र किया, जो अक्सर प्रधानमंत्री पर केंद्रित होती हैं। उन्होंने शक्ति सिंह गोहिल और नीरज डांगी की भी प्रशंसा की और कहा कि उनके जाने से सदन में खालीपन महसूस होगा। साथ ही फूलोदेवी नेताम पर भरोसा जताया कि वे कमजोर तबके की आवाज आगे भी उठाती रहेंगी।

Rajya Sabha members retirement: सदन की कार्यप्रणाली पर भी जोर दिया

मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन की कार्यप्रणाली पर भी जोर दिया और कहा कि सदन में सभ्यता, संयम और सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसा सभापति होना चाहिए जो अच्छा व्यवहार बनाए रखे और सभी को साथ लेकर चले। उन्होंने यह भी कहा कि जितना मिलकर काम किया जाएगा, उतना बेहतर परिणाम मिलेगा, जबकि दूरी बढ़ने से गलतफहमियां भी बढ़ती हैं, जो संसदीय प्रणाली के लिए ठीक नहीं है। वहीं, जानकारी दी गई कि राज्यसभा के 37 सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। खड़गे ने उम्मीद जताई कि ये सभी सदस्य भविष्य में भी संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।

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लेखक के बारे में

पत्रकारिता और क्रिएटिव राइटिंग में स्नातक हूँ। मीडिया क्षेत्र में 3 वर्षों का विविध अनुभव प्राप्त है, जहां मैंने अलग-अलग मीडिया हाउस में एंकरिंग, वॉइस ओवर और कंटेन्ट राइटिंग जैसे कार्यों में उत्कृष्ट योगदान दिया। IBC24 में मैं अभी Trainee-Digital Marketing के रूप में कार्यरत हूँ।