लखनऊ, 30 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जुलाई के शुरू में आयोजित होने वाली उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी)-2026 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि इस परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता किसी भी परिस्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को आगामी दो से चार जुलाई तक आयोजित होने वाली यूपीटीईटी-2026 की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए कहा कि यह प्रदेश के लाखों युवाओं की आकांक्षाओं से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण परीक्षा है और इसकी निष्पक्षता, पारदर्शिता तथा विश्वसनीयता किसी भी हाल में प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि परीक्षा का संचालन केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के प्रति सरकार की जवाबदेही का विषय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर अभ्यर्थी को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और तनावमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सेवारत शिक्षकों के हितों के प्रति संवेदनशील नजरिया अपनाते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया।
उन्होंने कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता को देखते हुए कार्यरत शिक्षकों को अपनी पात्रता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए। इसी उद्देश्य से उन्होंने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को सेवारत शिक्षकों के लिए पृथक शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें अधिक अवसर मिल सकें और केवल अवसर के अभाव में किसी शिक्षक को कठिनाई का सामना न करना पड़े।
बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा-2026 का आयोजन प्रदेश के 60 जनपदों में स्थापित 955 परीक्षा केन्द्रों पर किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार परीक्षा दो से चार जुलाई तक कुल पांच पालियों में आयोजित होगी। उन्होंने बताया कि परीक्षा में कुल 19,94,661 अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे।
भाषा सलीम अमित
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