उप्र : मतदाता सूची से 2.04 करोड़ नाम हटे, कुल मतदाता संख्या 13.39 करोड़ हुई

Ads

उप्र : मतदाता सूची से 2.04 करोड़ नाम हटे, कुल मतदाता संख्या 13.39 करोड़ हुई

  •  
  • Publish Date - April 11, 2026 / 07:48 PM IST,
    Updated On - April 11, 2026 / 07:48 PM IST

लखनऊ, 11 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के बाद राज्य की मतदाता सूची से 2.04 करोड़ से अधिक लोगों के नाम हटा दिए गए हैं। अंतिम सूची जारी होने के बाद प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 13.39 करोड़ दर्ज की गई है।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस प्रक्रिया के दौरान 84 लाख से अधिक नए मतदाताओं को जोड़ा गया है, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 13,39,84,792 हो गई है। इनमें 7,30,71,071 पुरुष (लगभग 54 प्रतिशत), 6,09,09,525 महिलाएं (45.46 प्रतिशत) और 4,206 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं।

आयोग की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक 27 अक्टूबर, 2025 को जारी की गई मतदाता सूची में राज्य में 15.44 करोड़ मतदाता थे। छह जनवरी को प्रकाशित सूची में यह संख्या घटकर 12,55,56,025 रह गई थी। इस सूची में 6.88 करोड़ पुरुष मतदाता, 5.67 करोड़ महिला वोटर और तृतीय लिंग के 4,119 वोटर शामिल थे। दावों और आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, अंतिम सूची में अनंतिम की तुलना में कुल 84,28,767 वोटरों की बढ़ोतरी हुई है। इसमें 42,27,902 पुरुष वोटरों, 42,00,778 महिला वोटरों और 87 तृतीय लिंग के वोटरों की बढ़ोतरी शामिल है।

आंकड़ों के मुताबिक, लिंगानुपात में सुधार हुआ है। प्रति 1,000 पुरुषों पर महिला मतदाताओं की संख्या 824 से बढ़कर 834 हो गई है, हालांकि एसआईआर की प्रक्रिया से पहले यह अनुपात 877 था। अनंतिम सूची के दौरान महिलाओं के नाम अधिक हटाए जाने से इसमें गिरावट आई है।

मतदाता सूची में 18-19 आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो बढ़कर 17,63,360 हो गई है। यह अनंतिम सूची की तुलना में 14,29,379 की बढ़ोतरी है।

जिलों के स्तर पर लखनऊ में सबसे अधिक 9.14 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए। इसके बाद प्रयागराज, कानपुर नगर, आगरा और गाजियाबाद का स्थान रहा। शहरी विधानसभा क्षेत्रों में अधिक गिरावट दर्ज की गई, जिनमें लखनऊ कैंटोनमेंट और इलाहाबाद उत्तर प्रमुख हैं।

वहीं, हमीरपुर, महोबा, ललितपुर, चित्रकूट और श्रावस्ती जैसे जिलों में मतदाताओं के नाम कम संख्या में हटाए गए। विधानसभा क्षेत्रों में भी बरखेड़ा, तिंदवारी, सिरसागंज, कुंदरकी और महरौनी में न्यूनतम बदलाव देखा गया।

मतदाताओं की संख्या में वृद्धि के मामले में प्रयागराज शीर्ष पर रहा, जहां 3,29,421 नए मतदाता जुड़े। इसके बाद लखनऊ, बरेली, गाजियाबाद और जौनपुर का स्थान रहा। विधानसभा स्तर पर साहिबाबाद (गाजियाबाद) में सबसे अधिक 82,898 मतदाताओं की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा के अनुसार, 27 अक्टूबर 2025 से 10 अप्रैल 2026 तक 166 दिनों तक चले इस अभियान में प्रदेश के सभी 75 जिले, 403 विधानसभा क्षेत्र और सभी मतदान केंद्र शामिल रहे।

भाषा

चंदन, मनीष, आनन्‍द रवि कांत