लखनऊ, 11 अगस्त (उप्र) कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय ने मंगलवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से अनुरोध किया कि वह हाल ही में शुरू हुए लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की बिगड़ती हालत के मामले में हस्तक्षेप करें और जनहित में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष यह मुद्दा उठाएं।
अजय राय ने राज्यपाल को संबोधित एक पत्र में करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत से बने लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग को लेकर यह मांग उठाई।
इस राजमार्ग को आधुनिक और बेहतर यातायात सुविधा की दिशा में बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश किया गया था तथा 13 जुलाई से इस पर आवागमन शुरू हुआ था।
राय ने आरोप लगाया कि इसके शुरू होने के कुछ ही दिनों के भीतर कई जगहों पर सड़क धंसने, बड़े-बड़े गड्ढे होने, खराब जल निकासी व्यवस्था, पुलों और क्रैश बैरियर के कुछ हिस्सों में दरारें आने तथा मरम्मत किए गए हिस्सों के फिर खराब होने की खबरें सामने आईं।
कांग्रेस ने राज्यपाल को संबोधित राय का पत्र ‘एक्स’ पर भी साझा किया।
पार्टी ने पोस्ट में कहा, ‘‘4,200 करोड़ रुपये की लागत से बना ‘लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग’ उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद धंसने लगा है, पुलों में दरारें आ गई हैं और राहगीर जान गंवा रहे हैं।’’
पोस्ट के मुताबिक, ‘‘जनता के पैसे की इस खुली लूट और भ्रष्टाचार पर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने महामहिम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। जब गोरखपुर की अव्यवस्था पर राज्यपाल महोदया की चिंता सार्वजनिक हो सकती है, तो 4,200 करोड़ रुपये के इस महाघोटाले पर उनकी चुप्पी क्यों?’’
राय ने अपने पत्र में राजमार्ग के उद्घाटन के दो दिन बाद एक मोटरसाइकिल सवार के साथ हुए जानलेवा हादसे का भी जिक्र किया।
कांग्रेस नेता ने कहा कि राजमार्ग की हालत इतनी खराब हो गई है कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को मरम्मत का काम पूरा होने तक टोल वसूली रोकनी पड़ी।
उन्होंने दावा किया कि इस रोक से करीब 575 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होने की आशंका है और सवाल उठाया कि जनता के इतने बड़े खर्च से बनी सड़क उद्घाटन के तुरंत बाद ही इतनी खराब कैसे हो गई।
राय ने इस कथित विफलता के लिए जिम्मेदारी तय करने, निर्माण की गुणवत्ता, सार्वजनिक धन के इस्तेमाल तथा परियोजना में शामिल अधिकारियों और एजेंसियों की भूमिका की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की मांग की।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में शामिल ठेकेदार का संबंध राज्यसभा में भाजपा के एक सदस्य के भाई से है और दावा किया कि उस फर्म को बचाने की कोशिश की जा रही है।
राय ने कहा कि राज्य के संवैधानिक प्रमुख के तौर पर राज्यपाल को प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष यह मामला उठाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि परियोजना का उद्घाटन केंद्र और राज्य के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में हुआ था और यह केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा एनएचएआई के अधिकार क्षेत्र में आता है।
भाषा आनन्द जितेंद्र
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