उप्र: भ्रष्टाचार के मामले में चार पुलिसकर्मियों के विरूद्ध की गयी अनुशासनात्मक कार्रवाई

Ads

उप्र: भ्रष्टाचार के मामले में चार पुलिसकर्मियों के विरूद्ध की गयी अनुशासनात्मक कार्रवाई

  •  
  • Publish Date - January 28, 2026 / 03:50 PM IST,
    Updated On - January 28, 2026 / 03:50 PM IST

बहराइच (उप्र), 28 जनवरी (भाषा) बहराइच के भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में रूपईडीहा थाने के चार पुलिसकर्मियों को एक संदिग्ध तस्कर को छोड़ने एवं भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर को मंगलवार को लाइन हाजिर किया गया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि इन पुलिसकर्मियों को देवीपाटन क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक अमित पाठक के आदेश पर मंगलवार को निलंबित किया गया।

बहराइच के पुलिस अधीक्षक राम नयन सिंह के कार्यालय के एक प्रेस नोट में कहा गया,‘‘बीती 25 जनवरी को सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित हुआ था जिसमें रूपईडीहा थाने के चार पुलिस कर्मियों- मुख्य आरक्षी देवेंद्र यादव एवं अभिषेक धर द्विवेदी तथा आरक्षी आशीष सिंह एवं कुलदीप दुबे पर भ्रष्ट आचरण करने तथा एक व्यक्ति को पकड़कर छोड़ देने का आरोप लगाया था।’’

प्रेस नोट के अनुसार देवीपाटन मंडल के पुलिस महानिरीक्षक अमित पाठक के निर्देश पर बहराइच के पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्राधिकारी नानपारा से जांच कराई जिससे पता चला कि जिस व्यक्ति को पकड़कर छोड़ने का आरोप लगाया जा रहा है, वह अभी तक सामने नहीं आया है, साक्ष्यों के संबंध में आवश्यक जानकारी एकत्र की जा रही है।’

प्रेस नोट में गया, ‘‘चूंकि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं एवं देवीपाटन के पुलिस महानिरीक्षक की भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति है। ऐसे में इन बातों को ध्यान में रखते हुए तथा जांच की पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करने हेतु बहराइज के पुलिस अधीक्षक ने चारों पुलिस कर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। जांच निष्कर्ष के आधार पर नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।’

पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन हाजिर करने के साथ प्रकरण की गहराई से जांच पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी द्वारा की जा रही है।

बीते दिनों पश्चिम बंगाल के कोलकाता से एक लड़की के अपहरण के मामले में हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति को रिहा करने के लिए एक लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में 16 जनवरी को तीन पुलिसकर्मियों को गोपनीय जांच के बाद निलंबित कर दिया गया था।

भाषा सं जफर संतोष राजकुमार

राजकुमार