उप्र: युवती की हत्या के विरोध में सड़क जाम करने के लिए पांच लोग हिरासत में

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उप्र: युवती की हत्या के विरोध में सड़क जाम करने के लिए पांच लोग हिरासत में

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  • Publish Date - July 8, 2026 / 11:07 PM IST,
    Updated On - July 8, 2026 / 11:07 PM IST

मेरठ, आठ जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक युवती की हत्या किये जाने के विरोध में सड़क जाम और प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने बुधवार को पांच लोगों को हिरासत में लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों के नाम सार्वजनिक नहीं किए थे।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पांडेय ने बताया कि वीडियो फुटेज और सोशल मीडिया सामग्री के विश्लेषण के आधार पर सड़क जाम कराने, लोगों को उकसाने और पूरे घटनाक्रम में सक्रिय भूमिका निभाने वाले व्यक्तियों की पहचान की गई है।

उन्होंने बताया कि भारतीय किसान यूनियन (अंबेडकर गुट) के कथित राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह भाटी, निवासी हसनपुर (अमरोहा), समेत अन्य चिन्हित लोगों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस के अनुसार, टीपीनगर क्षेत्र से 15 मई को लापता हुई 20 वर्षीय ललिता गौतम का शव 17 मई को रोहटा क्षेत्र में मिला था।

मामले में मुख्य आरोपी अंकुश कुमार (23) को 18 मई को गिरफ्तार किया गया था और साक्ष्य छिपाने के आरोप में एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया।

पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है।

अधिकारी ने बताया कि मृतका के परिजनों से लगातार संवाद किया गया और उनकी ओर से उठाए गए मुद्दों पर कार्रवाई की गई, इसके बावजूद कुछ लोगों ने परिजनों को कथित रूप से उकसाकर बुधवार को ज्ञापन देने के नाम पर कलेक्ट्रेट गेट के सामने सड़क जाम कर दी।

उन्होंने बताया कि पुलिस और प्रशासन के समझाने के बाद भी नहीं हटाने पर यातायात और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी।

पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान कुछ चिन्हित लोगों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है।

पुलिस के अनुसार, दिग्विजय सिंह भाटी के खिलाफ अमरोहा और मेरठ के विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं।

वहीं, रवि गौतम के खिलाफ गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में हत्या समेत अन्य मामलों में मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई है हालांकि, ये मामले अभी अदालत में विचाराधीन हैं।

इस बीच, हिरासत के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया।

नोएडा से आए रवि गौतम ने आरोप लगाया कि पुलिस वैन के अंदर एसएसपी अविनाश पांडेय ने उनके साथ मारपीट की।

उन्होंने दावा किया कि हिरासत के दौरान कथित दुर्व्यवहार से आहत होकर उन्होंने पुलिस वैन में फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया।

घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।

वीडियो में एसएसपी पुलिस वैन के अंदर जाते और किसी व्यक्ति को थप्पड़ मारते दिखाई दे रहे हैं।

हालांकि, वीडियो से यह स्पष्ट नहीं है कि थप्पड़ किस व्यक्ति को मारा गया।

‘पीटीआई-भाषा’ इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका। पुलिस ने मारपीट के आरोपों से इनकार किया।

अधिकारी ने बताया कि रवि गौतम और दिग्विजय सिंह भाटी प्रदर्शन में शामिल थे तथा माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे थे।

उन्होंने रवि गौतम के खुद को अधिवक्ता बताने के संबंध में बताया कि वह स्वयं को वकील बताते हैं, लेकिन बार काउंसिल पंजीकरण संख्या नहीं बता सके।

अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि पूरे घटनाक्रम का “सूत्रधार” दिग्विजय सिंह भाटी है, जो पुलिस के अनुसार जिलाबदर है और इसके बावजूद मेरठ में प्रदर्शन में शामिल हुआ।

वहीं, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हिरासत में लिए जाने के बाद पुलिस वैन के अंदर उनके साथ मारपीट की गई।

भाषा सं जफर जितेंद्र

जितेंद्र

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