उप्र: नाबालिग दिव्यांग लड़की से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल सश्रम कारावास की सजा

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उप्र: नाबालिग दिव्यांग लड़की से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल सश्रम कारावास की सजा

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  • Publish Date - August 29, 2026 / 09:22 PM IST,
    Updated On - August 29, 2026 / 09:22 PM IST

बरेली, 29 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के बरेली जिले की एक विशेष अदालत ने नाबालिग दिव्यांग लड़की से दुष्कर्म करने के व्यक्ति को शनिवार को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई और उसपर कुल 16 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) अंशिका वर्मा ने बताया कि घटना 26 जुलाई 2017 को उस समय हुई जब 16 वर्षीय नाबालिग दिव्यांग लड़की अपने पिता और मां के साथ एक मेले में गई थी।

उन्होंने बताया कि इसी दौरान आरोपी नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उससे दुष्कर्म किया।

अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में शाही थाना में मुकदमा दर्ज किया गया था।

पुलिस के अनुसार, यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के विशेष न्यायाधीश नरेंद्र प्रकाश ने 29 अगस्त को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को दोषी करार दिया।

अदालत ने दोषी को 10 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई और उसपर कुल 16,000 रुपये का जुर्माना लगाया।

अदालत ने कहा कि जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

भाषा सं जफर जितेंद्र

जितेंद्र