सोनभद्र, 15 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले की एक अदालत ने एक महिला से दुष्कर्म करने के मामले में ओझा और उसके सहयोगी को दोषी करार देते हुए सोमवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह मामला नौ साल पुराना है।
अदालत ने दोनों दोषियों पर अलग-अलग एक लाख 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में दोषियों को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
शासकीय अधिवक्ता सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि वाराणसी जिले के चौबेपुर थाना क्षेत्र की निवासी एक महिला ने 27 अप्रैल 2017 को सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज थाने में लिखित तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई थी।
महिला ने पुलिस को बताया था कि वह विवाहित है और दो बच्चों की मां है। महिला ने पुलिस को बताया कि वह तीन-चार दिन पहले चंदौली स्थित अपने मायके आई थी, और वह कुछ दिनों से बीमार थी।
पीड़िता के अनुसार, बीमारी के उपचार के लिए 26 अप्रैल 2017 को उसका भाई लालू शर्मा उर्फ जनार्दन शर्मा उसे रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र के झपरी गांव निवासी ओझा जगदेव शर्मा उर्फ जयदेव शर्मा (55) के पास ले गया था।
महिला ने आरोप लगाया था कि जांच के बाद ओझा उसे रात करीब 11 बजे अपने घर से कुछ दूरी पर स्थित एक सुनसान स्थान पर झाड़-फूंक की एक विशेष प्रक्रिया के बहाने ले गया, जहां उसने उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के शोर मचाने पर उसका भाई और बहन वहां पहुंच गए, जिन्हें उसने घटना की जानकारी दी।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया था कि घटना की जानकारी किसी को देने पर आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया।
अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी/सीएडब्ल्यू) विपिन कुमार तृतीय की अदालत ने सुनवाई के बाद ओझा जगदेव शर्मा को दुष्कर्म तथा उसके सहयोगी लालू शर्मा को आपराधिक षड्यंत्र का दोषी ठहराते हुए दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
भाषा
सं,जफर रवि कांत