(तस्वीरों के साथ)
मुजफ्फरनगर (उप्र), 13 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए श्रमजीवी महिला छात्रावासों का निर्माण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यहां एक समारोह में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की दिव्य प्रतिमा के अनावरण के बाद कहा, ‘‘यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे शुकदेव की इस पावन धरा पर, भारत रत्न चौधरी चरण सिंह जी एवं चौधरी अजीत सिंह जी की कर्मभूमि पर आज यहां लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की दिव्य प्रतिमा के अनावरण का अवसर प्राप्त हुआ है।’’
एक सरकारी बयान के अनुसार उन्होंने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 350वीं जयंती गत वर्ष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा से पूरे देश में धूमधाम के साथ मनाई गई थी तथा उसी समय केंद्र और राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया था कि लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के लिए श्रमजीवी महिला छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा।
योगी ने कहा,‘‘फिलहाल प्रदेश में 14 श्रमजीवी महिला छात्रावास निर्माणाधीन हैं, जो लोकमाता की स्मृतियों की ओर हम सबका ध्यान आकर्षित करेंगे।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि जगन्नाथ पुरी से लेकर सोमनाथ तक, काशी विश्वनाथ से लेकर रामेश्वरम तक भारत की गुलामी के उस कालखंड में, जब मुगल आक्रांताओं के कारण व्यवस्था जकड़ी हुई थी, तब भी लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर भारत की विरासत के संरक्षण के लिए पूरी तन्मयता से कार्य कर रही थीं।
उन्होंने कहा, ‘‘न्याय और सुशासन का आदर्श मॉडल कैसा होता है, यह लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने भारत को दिखाया। वह मालवा की शासक थीं, लेकिन पूरे देश की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए समर्पित रहीं।’’
उन्होंने कहा कि आज का काशी विश्वनाथ मंदिर उसी का उदाहरण है, जिसका पुनर्निर्माण लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने कराया था, जब औरंगजेब ने उसे ध्वस्त कर दिया था।
उन्होंने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई को हर सच्चा भारतीय नमन करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चौधरी साहब का जो योगदान है, वह जाति के लिए नहीं है, व्यक्ति के लिए नहीं है, बल्कि देश के लिए है, उनके योगदान के कारण ही हम सब आज यहां हैं।
उन्होंने महापुरुषों को सम्मान दिये जाने पर बल देते हुए कहा कि महापुरुषों को जाति के संकीर्ण दायरे में मत बांधिए, यह देश तब गुलाम हुआ था, जब लोगों ने महापुरुषों को जातीय सीमाओं में बांधने का पाप किया था।
पूर्ववर्ती सरकारों खासतौर से समाजवादी पार्टी का नाम लिए बिना योगी आदित्यनाथ ने निशाना साधते हुए कहा कि यह वही उत्तर प्रदेश है जहां 2017 से पहले नए उद्योग नहीं लगते थे, बल्कि पुराने उद्योगों में भी तालाबंदी होती थी। उन्होंने दावा किया कि तब बेटियां और व्यापारी सुरक्षित नहीं थे।
उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, बुलंदशहर, गाजियाबाद और मुरादाबाद, हर जगह यही स्थिति थी, पहचान का संकट था लेकिन आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने दावा किया कि अब रोजगार के अवसर बढ़े हैं, कानून व्यवस्था मजबूत हुई है।
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले की भर्तियों में पूर्व सरकारों ने नियमों का पालन नहीं किया था, क्योंकि वह भाई-भतीजावाद को बढ़ावा देना चाहती थी, लेकिन अब पारदर्शिता के साथ भर्ती प्रक्रिया को लागू किया गया है।
उन्होंने कहा कि 2017 में राज्य के पास मात्र 3000 पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण की क्षमता थी लेकिन पिछले वर्ष वर्तमान सरकार ने 60,244 पुलिसकर्मियों की भर्ती की तथा ये सभी युवा उत्तर प्रदेश के प्रशिक्षण केंद्रों में ही ट्रेनिंग ले रहे हैं जिनमें सर्वाधिक मुजफ्फरनगर व बागपत के हैं।
भाषा आनन्द
राजकुमार
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