Doon Book Festival-2026: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘दून बुक फेस्टिवल-2026’ का उद्घाटन.. कहा, ‘यह साहित्य, संस्कृति और कला का एक अनूठा संगम’..

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Doon Book Festival-2026: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने दून बुक फेस्टिवल 2026 का उद्घाटन किया, साहित्य और संस्कृति का अनूठा संगम बताया।

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  • Publish Date - April 4, 2026 / 04:19 PM IST,
    Updated On - April 4, 2026 / 04:19 PM IST

Doon Book Festival-2026 || Image- Uttarakhand DPIR File

HIGHLIGHTS
  • सीएम धामी ने दून बुक फेस्टिवल उद्घाटन किया
  • साहित्य, कला और संस्कृति का संगम
  • ‘लेखक से मिलिए’ जैसे कार्यक्रम आयोजित

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून में “दून बुक फेस्टिवल-2026” का औपचारिक उद्घाटन किया। (Doon Book Festival-2026) इस अवसर पर, उन्होंने प्रकाशकों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का दौरा किया और गढ़वाली तथा कुमाऊँनी भाषाओं में लिखी पुस्तकों का विमोचन भी किया।

आयोजित होंगे “लेखक से मिलिए” जैसे कार्यक्रम

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय और उत्तराखंड सरकार के सहयोग से आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री ने देश भर से आए लेखकों, कलाकारों और साहित्य प्रेमियों का स्वागत किया। उन्होंने इस उत्सव को साहित्य, संस्कृति और कला का एक अनूठा संगम बताया, जो समाज में ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान को एक नई दिशा देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में विभिन्न सत्र, संवादात्मक चर्चाएँ, पुस्तक वार्ताएँ और “लेखक से मिलिए” (Meet the Author) जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे, जिनका उद्देश्य साहित्यिक विमर्श को समृद्ध करना है। उन्होंने विशेष रूप से “बाल मंडप” (Children’s Pavilion) की सराहना की और इसे एक प्रशंसनीय पहल बताया, जो युवा पीढ़ी में पढ़ने की आदत विकसित करने में सहायक होगी।

उत्तराखंड की समृद्ध साहित्यिक परंपरा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि देवभूमि की इस पवित्र धरती ने अनेक महान लेखकों को जन्म दिया है और यह सदैव ज्ञान, संस्कृति तथा रचनात्मकता का केंद्र रही है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार साहित्य और संस्कृति के संरक्षण तथा संवर्धन की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
“उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान”, “साहित्य भूषण” और अन्य पुरस्कारों के माध्यम से लेखकों को सम्मानित किया जा रहा है, साथ ही विभिन्न भाषाओं में पुस्तकों के प्रकाशन हेतु वित्तीय सहायता भी प्रदान की जा रही है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राज्य में “साहित्यिक ग्राम” (Literary Villages) विकसित किए जा रहे हैं, ताकि लेखकों को एक अनुकूल वातावरण प्रदान किया जा सके और उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में बढ़ावा दिया जा सके।

‘पुस्तकें सिर्फ शब्दों का संग्रह मात्र नहीं, ज्ञान का एक शाश्वत स्रोत’ : सीएम धामी

पुस्तकों के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तकें केवल शब्दों का संग्रह मात्र नहीं हैं, बल्कि ज्ञान का एक शाश्वत स्रोत हैं जो पीढ़ियों तक समाज का मार्गदर्शन करती हैं। (Doon Book Festival-2026) उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे विभिन्न अवसरों पर पुस्तकों और पौधों को उपहार स्वरूप देने की परंपरा को प्रोत्साहित करें, जिससे ज्ञान और पर्यावरण जागरूकता दोनों को बढ़ावा मिल सके।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को पुनर्स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की साहित्यिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने महोत्सव के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को अपनी शुभकामनाएं दीं और विश्वास व्यक्त किया कि यह राज्य की साहित्यिक चेतना में नई ऊर्जा का संचार करेगा।

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Q1. दून बुक फेस्टिवल 2026 का उद्घाटन किसने किया?

उत्तर: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में इस फेस्टिवल का उद्घाटन किया।

Q2. इस फेस्टिवल में कौन-कौन से कार्यक्रम होंगे?

उत्तर: इसमें लेखक से मिलिए, पुस्तक चर्चा, संवाद सत्र और बच्चों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे।

Q3. इस फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर: इसका उद्देश्य साहित्य, संस्कृति और कला के माध्यम से ज्ञान और विचारों का आदान-प्रदान बढ़ाना है।