Hira Singh Bisht Passes Away: हार्ट अटैक से कांग्रेस के पूर्व मंत्री का निधन.. अस्पताल में डॉक्टरों ने दी जानकारी, परिवहन और श्रम मिनिस्टर के तौर पर किया था शानदार काम

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उत्तराखंड के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट का 85 वर्ष की आयु में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। उनके निधन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मल्लिकार्जुन खड़गे और कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

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  • Publish Date - July 26, 2026 / 05:38 PM IST,
    Updated On - July 26, 2026 / 05:41 PM IST

Senior Congress Leader Hira Singh Bisht Passes Away || Image- Ganesh Godiyal FILE

HIGHLIGHTS
  • हार्ट अटैक से हुआ निधन।
  • तीन बार विधायक रहे।
  • नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

देहरादून: उत्तराखंड के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट का शनिवार तड़के दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 85 वर्ष के थे। (Senior Congress Leader Hira Singh Bisht Passes Away) कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक़, रात करीब 1:30 बजे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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हीरा सिंह बिष्ट के निधन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और श्रमिक संगठनों ने गहरा दुख जताया।

सीएम धामी आवास पहुंचकर जताया दुःख

मुख्यमंत्री धामी उनके देहरादून स्थित आवास पहुंचे और परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की। वहीं कांग्रेस नेताओं ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर और कांग्रेस का झंडा ओढ़ाकर अंतिम श्रद्धांजलि दी।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हीरा सिंह बिष्ट ने अपना पूरा जीवन गरीबों, मजदूरों, कर्मचारियों और समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते हुए बिताया। (Senior Congress Leader Hira Singh Bisht Passes Away) उनका निधन कांग्रेस परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी कहा कि बिष्ट हमेशा आम लोगों की आवाज बने रहे। उनका जाना उत्तराखंड की राजनीति और कांग्रेस के लिए बड़ी क्षति है।

तीन बार बने विधायक

4 नवंबर 1940 को जन्मे हीरा सिंह बिष्ट ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत अविभाजित उत्तर प्रदेश से की थी। वह उत्तराखंड राज्य बनने से पहले और बाद, दोनों दौर में कांग्रेस के सक्रिय नेताओं में शामिल रहे। वह तीन बार विधायक चुने गए। वर्ष 1985 में पहली बार देहरादून विधानसभा सीट से विधायक बने। उत्तराखंड बनने के बाद 2002 में राजपुर सीट से चुनाव जीता और 2014 में डोईवाला उपचुनाव जीतकर एक बार फिर विधानसभा पहुंचे।

पूर्व मंत्री और श्रमिक नेता

पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी की सरकार में हीरा सिंह बिष्ट ने परिवहन और श्रम मंत्री के रूप में काम किया। उन्हें श्रमिकों और कर्मचारियों के मुद्दों की अच्छी समझ थी और वह हमेशा उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहे। (Senior Congress Leader Hira Singh Bisht Passes Away) वह इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC) के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष भी रहे और लंबे समय तक श्रमिक आंदोलन से जुड़े रहे।

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खेलों के विकास में भी योगदान

हीरा सिंह बिष्ट ने खेलों के विकास में भी अहम भूमिका निभाई। वह क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे। देहरादून के रायपुर क्रिकेट स्टेडियम के लिए जमीन उपलब्ध कराने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। सरल स्वभाव, सभी से सहज व्यवहार और मजबूत संगठन क्षमता के कारण उन्हें राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर सम्मान मिलता था।

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हीरा सिंह बिष्ट का निधन कैसे हुआ?

उत्तर: उनका निधन दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने से हुआ।

हीरा सिंह बिष्ट कितनी बार विधायक रहे?

उत्तर: वे उत्तराखंड में तीन बार विधायक चुने गए थे।

उन्होंने किन मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली थी?

उत्तर: उन्होंने परिवहन और श्रम मंत्री के रूप में कार्य किया था।