Hemvati Nandan Bahuguna Death Anniversary || Image-Uttarakhand DPR File
Hemvati Nandan Bahuguna Death Anniversary: देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्री हेमवती नंदन बहुगुणा की पुण्य तिथि के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय बहुगुणा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए कहा कि वे एक दूरदर्शी नेता एवं कुशल प्रशासक थे। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में सदैव जनहित को सर्वोपरि रखा और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय श्री हेमवती नंदन बहुगुणा की पुण्य तिथि के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
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— Uttarakhand DIPR (@DIPR_UK) March 17, 2026
Hemvati Nandan Bahuguna Death Anniversary: पूर्व सीएम को श्रद्धांजलि देते हुए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा, “महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, लोकप्रिय राजनेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा जी की पुण्यतिथि के अवसर पर आज लखनऊ में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। देश की स्वाधीनता के साथ ही सामाजिक जन-जागरूकता और राष्ट्रीय चेतना को प्रखर रूप से आगे बढ़ाने के लिए श्रद्धेय बहुगुणा जी ने उल्लेखनीय कार्य किए। उनकी पावन स्मृतियों को नमन।”
महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, लोकप्रिय राजनेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा जी की पुण्यतिथि के अवसर पर आज लखनऊ में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
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Hemvati Nandan Bahuguna Death Anniversary: हेमवती नंदन बहुगुणा भारत के एक प्रमुख राजनीतिज्ञ और स्वतंत्रता सेनानी थे। उनका जन्म 25 अप्रैल 1919 को उत्तराखंड (तत्कालीन संयुक्त प्रांत) में हुआ था। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे और 1973 से 1975 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। बाद में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर अन्य राजनीतिक दलों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और केंद्र सरकार में मंत्री पद संभालते हुए विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी निभाई।
उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भाग लिया और इस दौरान कई बार जेल भी गए। वे एक प्रभावशाली वक्ता और जनप्रिय नेता के रूप में जाने जाते थे। अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने गरीबों और पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए कई योजनाएँ शुरू कीं, जिससे समाज के कमजोर वर्गों को लाभ मिला।
उनका राजनीतिक जीवन उतार-चढ़ाव से भरा रहा, लेकिन उनका प्रभाव लंबे समय तक भारतीय राजनीति में बना रहा। वे अपने सिद्धांतों और जनसेवा के लिए हमेशा याद किए जाते हैं। 17 मार्च 1989 को उनका निधन हो गया, जिससे भारतीय राजनीति ने एक महत्वपूर्ण नेता को खो दिया।
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