Devbhoomi Family Act Implementation : अब हर परिवार की होगी डिजिटल पहचान! उत्तराखंड में लागू हुआ ‘देवभूमि फैमिली एक्ट’, एक ID से मिलेंगे सभी सरकारी फायदे

उत्तराखंड सरकार ने ‘देवभूमि फैमिली एक्ट’ लागू कर हर परिवार को यूनिक फैमिली ID देने का फैसला किया है। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचेगा, फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और परिवार की सबसे वरिष्ठ महिला को मुखिया माना जाएगा।

Devbhoomi Family Act Implementation : अब हर परिवार की होगी डिजिटल पहचान! उत्तराखंड में लागू हुआ ‘देवभूमि फैमिली एक्ट’, एक ID से मिलेंगे सभी सरकारी फायदे

Devbhoomi Family Act Implementation

Modified Date: June 14, 2026 / 01:26 pm IST
Published Date: June 14, 2026 1:23 pm IST
HIGHLIGHTS
  • उत्तराखंड में लागू हुआ ‘देवभूमि फैमिली एक्ट’
  • हर परिवार को मिलेगी यूनिक फैमिली ID
  • सभी सदस्यों का डिजिटल डेटाबेस तैयार होगा

देहरादून : Devbhoomi Family Act Implementation :  उत्तराखंड सरकार ने राज्य की शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में ‘देवभूमि फैमिली एक्ट’ को लागू कर दिया गया है। इसके तहत अब राज्य के प्रत्येक परिवार को एक यूनिक ‘फैमिली आईडी’ प्रदान की जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य के सभी परिवारों का डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के सीधे असली हकदारों तक पहुंच सके।

हर परिवार की अलग डिजिटल पहचान

इस नई व्यवस्था के लागू होने से अब हर परिवार की अपनी एक अलग डिजिटल पहचान होगी।Unique Family ID Card इस यूनिक फैमिली आईडी में परिवार के सभी सदस्यों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां जैसे नाम, उम्र, पहचान पत्र से जुड़ी आवश्यक जानकारी, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, शिक्षा और रोजगार का पूरा विवरण दर्ज रहेगा।

Haryana Parivar Pehchan Patra Model योजना के फायदे ?

सरकार का मानना है कि एकीकृत डेटाबेस बनने से विभिन्न योजनाओं में होने वाली डुप्लीकेसी और अपात्र लोगों द्वारा गलत तरीके से लाभ उठाने की शिकायतों पर पूरी तरह रोक लगेगी। इस एक्ट में महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है। नियम के मुताबिक, परिवार में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की सबसे वरिष्ठ महिला को ही परिवार का मुखिया माना जाएगा। देवभूमि फैमिली आईडी को सभी सरकारी योजनाओं से लिंक किया जाएगा। इसके बाद पात्र परिवारों को किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों में दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उत्तराखंड की यह व्यवस्था हरियाणा सरकार की सफल ‘परिवार पहचान पत्र’ योजना की तर्ज पर विकसित की गई है, जो वहां नागरिक सेवाओं को आसान बनाने में काफी कारगर साबित हुई है।

इन्हें भी पढ़ें :


लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and news producer at IBC24. A Gold Medalist in Journalism and Mass Communication, I specialize in news production, content writing, and digital storytelling. With a keen interest in political and crime reporting, I believe in delivering accurate, ethical, and impactful journalism that informs and connects with people.