सऊदी पाइपलाइन पर हमले इराकी क्षेत्र से किए गए: इराक
सऊदी पाइपलाइन पर हमले इराकी क्षेत्र से किए गए: इराक
बगदाद, 13 सितंबर (एपी) सऊदी अरब की एक प्रमुख तेल पाइपलाइन पर हमले के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को जिम्मेदार ठहराए जाने के बीच इराक ने कहा है कि ये हमले उसके क्षेत्र से किए गए थे।
इराक सरकार ने कहा कि प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने ईरान की सीमा से लगे मैसान प्रांत की अभियान कमान की जांच के आदेश दिए और उसके कमांडर को पद से हटा दिया। अधिकारियों ने जांच में पाया कि सऊदी पाइपलाइन पर हमले इसी प्रांत से किए गए थे।
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने हमलों के लिए इराक से आए ड्रोन को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि वह जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा, ताकि इराकी सरकार को ‘‘आवश्यक कदम उठाने का अवसर’’ मिल सके।
ईरान युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से पोतों की आवाजाही बाधित होने के बाद से ‘ईस्ट-वेस्ट’ पाइपलाइन सऊदी अरब के तेल निर्यात के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के अनुसार, पाइपलाइन के अंतिम छोर पर स्थित लाल सागर के बंदरगाह से सऊदी अरब का तेल निर्यात दोगुने से अधिक हो गया है।
क्षेत्रीय अधिकारियों ने एपी (एसोसिएटेड प्रेस) को बताया है कि हूतियों और इराकी मिलिशिया ने आपसी समन्वय से सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों पर हमले किए।
पाइपलाइन पर हमले के बाद ट्रंप ने इसके पीछे ईरान का हाथ होने की आशंका जताई।
जब ट्रंप से पत्रकारों ने सवाल किया कि क्या उन्हें लगता है कि ‘ईस्ट-वेस्ट’ पाइपलाइन पर हमले के पीछे ईरान था, उन्होंने कहा, ‘‘हां, मुझे लगता है कि वही है। शायद वही है।’’
ट्रंप ने कहा कि उनके प्रशासन ने हूतियों के साथ ‘‘बातचीत की है’’ लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि यह बातचीत कब हुई।
उन्होंने कहा, ‘‘हूतियों ने हमें फोन किया और वे हमसे लड़ना नहीं चाहते। वे यही चाहेंगे कि हम इसमें शामिल न हों और वे ज्यादातर पोतों को गुजरने दे रहे हैं।’’
हूतियों ने कहा है कि वे केवल पड़ोसी देश सऊदी अरब से जुड़े पोतों को निशाना बना रहे हैं।
सऊदी अरब के युवराज के साथ हाल में हुई बातचीत के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, ‘‘वह मेरे अच्छे मित्र हैं और मैं बस इतना कह सकता हूं कि सब कुछ बिल्कुल ठीक हो जाएगा। सब बहुत अच्छा होगा।’’
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के तेज़ी से आगे बढ़ने के बाद यमन में विस्थापितों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है।
सऊदी अरब समर्थित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार के नियंत्रण वाले अदन में स्थानीय लोगों ने विस्थापितों के लिए अपने घरों के दरवाजे खोल दिए हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) ने कहा कि हूतियों और सरकारी बलों के बीच लड़ाई तेज होने के बाद जुलाई से अब तक कम से कम 76,000 लोग अपने घर छोड़कर जा चुके हैं। कुछ दिन पहले तक यह संख्या 46,000 थी। कुछ लोगों को उस गृहयुद्ध के फिर शुरू होने का डर है जिसमें 2022 के संघर्षविराम से पहले 1,50,000 लोगों की मौत हुई थी।
इस बीच, लेबनान और इजराइल के वार्ताकार अमेरिका की मध्यस्थता में बातचीत के लिए अक्टूबर में रोम में मुलाकात करेंगे। इस महीने प्रस्तावित वार्ता बिना कोई कारण बताए स्थगित कर दी गई थी। इस बातचीत का उद्देश्य इजराइली बलों और लेबनान स्थित हिजबुल्ला के बीच हाल में हुई लड़ाई को शांत करने का रास्ता तलाशना है।
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सरकार के एक बयान के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और अबू धाबी के युवराज खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने नयी दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर बातचीत की।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब पूरे क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता के बावजूद दोनों पक्ष संपर्क बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं।
ईरान ने कुछ खाड़ी देशों की पश्चिमी शक्तियों के साथ सुरक्षा संबंधी साझेदारियों की कड़ी आलोचना की है। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान के सैन्य प्रभाव को सीमित करने के प्रयासों का समर्थन किया है।
इन सभी घटनाक्रम के बीच पर्यावरण संबंधी चिंताएं भी गहरा रही हैं। ओमान की खाड़ी में तेल रिसाव का क्षेत्र दोगुना हो गया है।
‘ग्रीनपीस जर्मनी’ की नीना नोएल ने कहा कि बड़े पैमाने पर हुआ तेल रिसाव बुधवार से बृहस्पतिवार के बीच दोगुना हो गया है, जिससे ओमान और ईरान के दो संरक्षित क्षेत्रों के लिए खतरा पैदा हो गया है। माना जा रहा है कि यह तेल रिसाव अमेरिकी सेना के हमले की चपेट में आए एक टैंकर से हुआ है।
‘रिएस्को’ नामक टैंकर उन चार टैंकरों में शामिल था जिन पर मंगलवार को ओमान की खाड़ी में हमला किया गया था। पांचवें टैंकर को ईरान के खार्ग द्वीप के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में नष्ट कर दिया गया था।
इस बीच, ‘एपी’ को मिले एक वीडियो में कब्जे वाले वेस्ट बैंक में इजराइली सैनिक फलस्तीनियों के एक समूह पर गोली चलाते दिखाई दे रहे हैं और इस गोलीबारी में एक व्यक्ति घायल हो गया।
इजराइली सेना ने कहा कि यह वीडियो प्रामाणिक है और उसने पुष्टि की कि उसके बलों ने फलस्तीनियों की ओर गोली चलाई थी जिसमें एक व्यक्ति घायल हुआ। सेना ने कहा कि कमांडर घटना की समीक्षा करेंगे।
पश्चिम एशिया में इन घटनाक्रम का असर सीरिया पर भी पड़ा। सीरिया के ऊर्जा मंत्री मोहम्मद अल-बशीर ने शनिवार को दमिश्क में पत्रकारों से कहा कि क्षेत्र में जारी युद्ध के कारण देश पेट्रोलियम उत्पादों के संकट का सामना कर रहा है। एपी सिम्मी शोभना
शोभना

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