हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उपस्थिति मजबूत करने के लिये चार रक्षा केंद्रों का उन्नयन करेगा ऑस्ट्रेलिया

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उपस्थिति मजबूत करने के लिये चार रक्षा केंद्रों का उन्नयन करेगा ऑस्ट्रेलिया

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उपस्थिति मजबूत करने के लिये चार रक्षा केंद्रों का उन्नयन करेगा ऑस्ट्रेलिया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:33 pm IST
Published Date: April 28, 2021 2:25 pm IST

(नताशा चाकू)

मेलबर्न, 28 अप्रैल (भाषा) ऑस्ट्रेलिया उत्तरी क्षेत्र में देश के हितों की सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में पड़ोसियों और सहयोगियों के साथ संबंधों को ज्यादा समर्थन देने के लिये चार प्रमुख सैन्य प्रशिक्षण क्षेत्र और इलाकों का उन्नयन करने के लिये 74.7 करोड़ डॉलर का निवेश करेगा। क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता के बीच प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरीसन ने बुधवार को यह घोषणा की।

मॉरीसन ने करोड़ों डॉलर की इस निवेश योजना की घोषणा करते हुए कहा कि इसका मकसद चीन को कोई संदेश देने के बजाए शांति की तरफ बढ़ना है।

करोड़ों डॉलर के इस निवेश से नॉर्दर्न टेरिटरी में चार प्रमुख प्रशिक्षण क्षेत्रों व रेंज का उन्नयन होगा जिससे ऑस्ट्रेलियाई डिफेंस फोर्स (एडीएफ) के प्रशिक्षण कार्यक्रम को बेहतर बनाने और उन्हें युद्ध के लिये तैयार रखने में मदद मिलेगी।

नॉर्दर्न टेरिटोरी के जिन चार सैन्य प्रशिक्षण क्षेत्रों को इस निवेश योजना में शामिल किया गया है उनमें रॉबर्टसन बैरक्स, कंगारू फ्लैट्स, माउंट बुंडे और ब्रैडशॉ शामिल हैं।

मॉरीसन ने कहा, “यह रक्षा प्रशिक्षण क्षेत्र और सुविधाएं हिंद-प्रशांत में हमारे पड़ोसियों और सहयोगियों के साथ ज्यादा बेहतर संबंध बनाने में मददगार होंगे और विभिन्न परिदृश्यों से संबंधित छोटे और बड़े पैमाने के सैन्य अभ्यासों के लिये भी उपयुक्त होंगे।”

ऑस्ट्रेलिया ने भारत, जापान और अमेरिका के साथ मिलकर 2017 में काफी समय से लंबित “क्वाड” के प्रस्ताव को आकार दिया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के आक्रामक रवैये के लिये चार देशों का गठजोड़ बनाया।

भाषा

प्रशांत उमा

उमा


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