बांग्लादेश : आम चुनाव के दौरान हिंसा की खबरें, प्रमुख हस्तियों ने वोट डाला

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बांग्लादेश : आम चुनाव के दौरान हिंसा की खबरें, प्रमुख हस्तियों ने वोट डाला

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  • Publish Date - February 12, 2026 / 03:30 PM IST,
    Updated On - February 12, 2026 / 03:30 PM IST

(फोटो के साथ)

ढाका, 12 फरवरी (भाषा) बांग्लादेश के अहम आम चुनाव में बृहस्पतिवार दोपहर तक 32 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने मतदान किया। हालांकि, मतदान छिटपुट हिंसा की घटनाओं से प्रभावित रहा।

बांग्लादेश निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में छिटपुट घटनाओं के बावजूद सभी केंद्रों पर मतदान जारी है।

‘ढाका ट्रिब्यून’ की खबर के अनुसार, अहमद ने बताया कि दोपहर 12 बजे तक देशभर के 32,789 मतदान केंद्रों पर 32.88 प्रतिशत मतदान हुआ।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘अब तक किसी भी मतदान केंद्र पर मतदान स्थगित नहीं किया गया है। चिंता वाली कोई बात नहीं है।’’

देश भर में 300 में से 299 संसदीय सीट पर मतदान सुबह साढ़े सात बजे (स्थानीय समयानुसार) शुरू हुआ और शाम साढ़े चार बजे तक जारी रहेगा। मतदान खत्म होने के तुरंत बाद मतों की गिनती शुरू होने की संभावना है।

मतदान शुरू होने के बाद देश की दो प्रमुख प्रतिद्वंद्वी पार्टियों के शीर्ष नेताओं के साथ-साथ अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने बृहस्पतिवार को अपने वोट डाले।

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के अध्यक्ष तारिक रहमान ने ढाका के रिहायशी गुलशन इलाके में स्थित गुलशन मॉडल स्कूल एवं कॉलेज में बने मतदान केंद्र में अपना वोट डाला। रहमान पार्टी के प्रमुख उम्मीदवार के रूप में उभरे हैं।

रहमान ने मतदान केंद्र से बाहर निकलते हुए कहा, ‘‘मैंने मतदान के अपने संवैधानिक अधिकार का प्रयोग किया है। बांग्लादेश की जनता एक दशक से अधिक समय से इस दिन का इंतजार कर रही थी।’’

बीएनपी की पूर्व सहयोगी और अब मुख्य प्रतिद्वंद्वी जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख शफीकुर रहमान ने मोनीपुर उच्च विद्यालय एवं कॉलेज में अपना वोट डाला।

एक उम्मीदवार की मृत्यु होने के कारण एक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान रद्द कर दिया गया है।

बांग्लादेश में जटिल 84 सूत्री सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह के साथ-साथ 13वां आम चुनाव हो रहा है।

निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं और लगभग 10 लाख सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है, जो देश के चुनावी इतिहास में सुरक्षाकर्मियों की अब तक की सबसे बड़ी संख्या है।

हसीना की अब भंग हो चुकी अवामी लीग की गैरमौजूदगी में मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और उसकी पूर्व सहयोगी जमात-ए-इस्लामी के बीच है। बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने शेख हसीना की अवामी लीग को पिछले साल भंग कर दिया था और पार्टी के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी थी।

बांग्लादेश में 30 साल के इतिहास में यह पहली बार है जब हसीना की अवामी लीग का चुनाव चिन्ह ‘नाव’ मतपत्र पर नहीं दिखाई दिया है।

इस बीच, कई जगहों से चुनावी हिंसा की खबरें आई हैं।

‘बीडीन्यूज24’ की खबर के अनुसार, गोपालगंज में बम हमले में 13 वर्षीय लड़की सहित तीन लोग घायल हो गए हैं।

बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजे निचुपाड़ा स्थित रेशमा इंटरनेशनल स्कूल में बने मतदान केंद्र में विस्फोट हुआ। इस घटना में चुनाव सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अर्द्धसैनिक सहायक बल ‘अंसार’ के दो सदस्य भी घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल ले जाया गया है।

मतदान केंद्र के पीठासीन अधिकारी जहिरुल इस्लाम ने बताया कि घायलों को मामूली चोट आई थी और मतदान थोड़ी देर बाद फिर से शुरू हो गया।

एक अन्य घटना में मुंशीगंज-3 निर्वाचन क्षेत्र के एक मतदान केंद्र के बाहर सिलसिलेवार बम विस्फोट हुए, जिससे मतदान अस्थायी रूप से बाधित हो गया।

बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजकर 15 मिनट पर मखाती गुरुचरण हाई स्कूल में बने मतदान केंद्र के सामने विस्फोट हुए। अधिकारियों ने बताया कि 10 से 12 देसी बमों में धमाका हुआ। केंद्र पर मतदान करीब 15 मिनट के लिए रोक दिया गया।

पीठासीन अधिकारी मोहम्मद तितुमिर ने कहा कि विस्फोटों से मतदाताओं में दहशत फैल गई।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने कुछ देर के लिए मतदान रोक दिया था, लेकिन अब यह फिर से शुरू हो गया है और लोग अपना वोट डाल रहे हैं।’’

इसके अलावा, खुलना में एक मतदान केंद्र के बाहर जमात-ए-इस्लामी कार्यकर्ताओं के साथ झड़प के दौरान एक बीएनपी नेता की मौत हो गई।

बीएनपी का कहना है कि जमात के एक नेता के धक्का देने की वजह से पेड़ से टकराकर वह घायल हो गए थे, जिससे उनकी मौत हुई। हालांकि जमात नेता का दावा है कि इस अशांति के दौरान बीएनपी नेता बीमार पड़ गए थे।

मृतक की पहचान मोहिबुज्जमान कोचि (55) के रूप में हुई है, जो बीएनपी की खुलना शहर इकाई के पूर्व कार्यालय सचिव थे।

कुल 50 राजनीतिक दलों के कुल 1,755 उम्मीदवार और 273 निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। बीएनपी ने सबसे अधिक 291 उम्मीदवार उतारे हैं। चुनाव में 83 महिला उम्मीदवार हैं।

यूनुस ने कहा है कि वह निर्वाचित सरकार को तत्काल सत्ता सौंप देंगे। उन्होंने राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और संबंधित पक्षों से मतदान के दिन संयम, सहिष्णुता और लोकतंत्र के अनुकूल व्यवहार बनाए रखने की अपील की है।

मतदान की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संबोधन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ए एम एम नासिरुद्दीन ने मतदाताओं से निर्भीक होकर मतदान करने की अपील की। उन्होंने राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और मतदाताओं से शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि 45 देशों और संगठनों के प्रतिनिधि चुनावों पर नजर रख रहे हैं, जिनमें चुनाव प्रबंधन निकाय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं शामिल हैं।

सरकारी समाचार एजेंसी ‘बीएसएस’ ने निर्वाचन आयुक्त अब्दुर आर मछुद के हवाले से बताया कि चुनाव के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए करीब नौ लाख सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।

प्रशासन ने राजधानी के प्रमुख इलाकों में बख्तरबंद वाहन (एपीसी) और त्वरित कार्यबल (आरएटी) तैनात किए हैं।

पुलिस के अनुसार, ढाका के 2,131 मतदान केंद्रों में से 1,614 को संवेदनशील बताया गया है। हालांकि सेना ने ढाका शहर में दो मतदान केंद्रों को ‘जोखिमपूर्ण’ बताया है। पहली बार चुनाव में सुरक्षा के लिए ड्रोन और ‘बॉडी-वॉर्न कैमरों’ (कपड़ों पर लग सकने वाले कैमरे) का उपयोग किया जा रहा है।

निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, करीब 12.7 करोड़ मतदाताओं में से 3.58 प्रतिशत मतदाता पहली बार मतदान करने वाले हैं।

पहली बार करीब आठ लाख पंजीकृत प्रवासी बांग्लादेशी आईटी आधारित डाक मतपत्र प्रणाली के माध्यम से मतदान कर सकेंगे।

बीएनपी के अध्यक्ष तारिक रहमान ने सभी नागरिकों से अपने-अपने मतदान केंद्रों पर जाकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने और अपनी पसंद के उम्मीदवार को वोट देने का आह्वान किया है।

बृहस्पतिवार को एक ‘फेसबुक’ पोस्ट में रहमान ने कहा, ‘‘प्रिय लोकतंत्र समर्थक भाइयों और बहनों, मैं आप सभी से शांतिपूर्ण और उत्सवपूर्ण माहौल में अपने मत देने के अधिकार का प्रयोग करने का अनुरोध करता हूं। जिसे आप उपयुक्त समझें, उसे वोट दें। अपनी पसंद के अनुसार वोट दें।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इंशाअल्लाह, कल से आपके सांसद आपकी सेवा करने की जिम्मेदारी संभालेंगे। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि धानेर शिश (धान की बाली) का प्रत्येक विजयी उम्मीदवार अपनी जिम्मेदारियों को ठीक से निभाएं।’’

अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने मतदान के बाद पत्रकारों से बातचीत में इस दिन को ‘‘अत्यंत खुशी’’ का दिन और एक ‘‘नए बांग्लादेश का जन्मदिन’’ बताया।

उन्होंने कहा कि देश ने ‘‘दुःस्वप्न जैसे अतीत को पूरी तरह से त्याग दिया है’’ और नागरिकों से संसदीय चुनाव एवं जनमत संग्रह दोनों में भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने ‘‘ईद मुबारक’’ कहकर अपने संबोधन का समापन किया और देशवासियों को ईद मुबारकबाद दी।

इस बीच, बांग्लादेश में रात के दौरान झड़पों की खबरें आई हैं।

‘इत्तेफाक’ अखबार के अनुसार, उत्तर पश्चिमी जॉयपुरहाट के कलाई इलाके में एक पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच मतपत्रों की फोटोकॉपी वितरित करने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

‘डेली स्टार’ की खबर के अनुसार, उत्तर पूर्व सिलहट के बालागंज उप-जिले में ‘‘मतपत्रों की हेराफेरी के आरोपों में जमात और बीएनपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई’’, जहां एक स्थानीय जमात नेता और कई अन्य लोग आधी रात के आसपास एक मतदान केंद्र में घुस गए तभी बीएनपी कार्यकर्ताओं ने उन पर धावा बोला, जिसके परिणामस्वरूप हाथापाई हुई और सुरक्षा हस्तक्षेप की आवश्यकता पड़ी।

वहां मौजूद बीएनपी उम्मीदवार ने आरोप लगाया कि पीठासीन अधिकारी की मदद से रात 11 बजे मतपत्रों पर मुहर लगाने का काम शुरू हुआ था।

राजधानी ढाका में पुलिस ने वोट खरीदने के आरोप में एक जमात नेता को गिरफ्तार किया, जबकि मतदान से कुछ घंटे पहले दक्षिण-पश्चिमी गोपालगंज में सात मतदान केंद्रों के पास देसी बम विस्फोट हुए।

मध्यरात्रि में ‘फेसबुक’ पर एक बयान में जमात के अमीर (प्रमुख) शफीकुर रहमान ने इन घटनाओं को ‘‘अफवाह’’ बताते हुए लोगों से इन्हें नजरअंदाज करने का आग्रह किया।

भाषा सुरभि नरेश

नरेश

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