ढाका, 27 जुलाई (भाषा) बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) के अभियोजन पक्ष ने सोमवार को अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और 40 अन्य लोगों के खिलाफ औपचारिक आरोप दायर किए। यह मामला 2013 में ढाका में एक रैली पर पुलिस कार्रवाई से जुड़े ‘‘मानवता के खिलाफ अपराध’’ से संबंधित है।
मई 2013 में, जब हसीना की अवामी लीग सत्ता में थी, तब इस्लामी समूह ‘हिफ़ाज़त-ए-इस्लाम’ की विरोध रैली पर पुलिस कार्रवाई के दौरान कथित तौर पर कई लोग मारे गए थे।
सोमवार को आरोप दस्तावेज आईसीटी रजिस्ट्रार को सौंपा गया।
मुख्य अभियोजक अमीनुल इस्लाम ने पत्रकारों को बताया कि न्यायाधिकरण ने ‘हिफ़ाज़त-ए-इस्लाम’ की विरोध रैली के दौरान (राजधानी के) शापला चत्तर में हुई हत्याओं के मामले में हसीना और 40 अन्य लोगों के ख़िलाफ़ आरोपों पर संज्ञान लिया है।
न्यायाधिकरण ने भगोड़ों के खिलाफ गिरफ़्तारी वारंट भी जारी किए, जिनमें तत्कालीन सेना प्रमुख, अन्य राजनीतिक नेता और सुरक्षा अधिकारी शामिल हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पूर्व मंत्रियों, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और पत्रकारों समेत नौ आरोपी मुकदमे का सामना करने के लिए जेल में हैं।
इसी न्यायाधिकरण ने 78 वर्षीय हसीना को पिछले साल नवंबर में मौत की सज़ा सुनाई थी। यह सज़ा उन्हें 2024 में अवामी लीग की सरकार गिराने वाले छात्रों के प्रदर्शन को दबाने के प्रयासों को लेकर उनकी गैर मौजूदगी में सुनाई गई थी।
हिंसक प्रदर्शनों के चलते वह भारत चली गई थीं और 5 अगस्त, 2024 से भारत में ही रह रही हैं।
भाषा
नेत्रपाल नरेश
नरेश