पीओके में ब्रॉड पीक पर हिमस्खल की चपेट में आए तीन और पर्वतरोहियों के शव बरामद

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पीओके में ब्रॉड पीक पर हिमस्खल की चपेट में आए तीन और पर्वतरोहियों के शव बरामद

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  • Publish Date - August 3, 2026 / 07:35 PM IST,
    Updated On - August 3, 2026 / 07:35 PM IST

इस्लामाबाद, तीन अगस्त (भाषा) पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन की चपेट में आए 10 सदस्यीय पर्वतारोही दल के तीन और सदस्यों के शव बरामद कर लिए गए हैं। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि बचावकर्मी पर्वतारोही दल में शामिल दो और सदस्यों के अवशेषों की तलाश में जुटे हुए हैं। इस दल में नेपाल के छह और पाकिस्तान, ओमान, अमेरिका तथा चीन के एक-एक पर्वतारोही शामिल थे।

अधिकारियों के मुताबिक, यह दल बृहस्पतिवार को गिलगित-बाल्टिस्तान में ब्रॉड पीक पर लगभग 7,000 मीटर की ऊंचाई पर हिमस्खलन की चपेट में आने के बाद लापता हो गया था।

‘अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान’ (एसीपी) ने बताया कि दल में शामिल चार पर्वतारोहियों के शव बीते शुक्रवार को बरामद कर लिए गए थे, जबकि एक पर्वतारोही का शव शनिवार देर रात और तीन अन्य के शव रविवार को मिले।

एसीपी के अनुसार, जिन पर्वतरोहियों के शव बरामद हुए हैं, उनकी पहचान नेपाल के निर्मल पुर्जा, पुर बहादुर गुरुंग, किली पेंबा शेरपा, नीमा शेरपा और ग्यालू शेरपा; ओमान की नादिरा अहमद अब्दुल्ला अल हरथी अमेरिका के मैलोरी गीस तथा चीन के वांग झोंग के रूप में हुई है।

क्लब के मुताबिक, दो और पर्वतारोही-पाकिस्तान के सोहेल सखी और नेपाल के नवांग थिंडू शेरपा के अवशेष अभी तक नहीं मिले हैं। उसने कहा कि इन पर्वतारोहियों के अवशेषों की तलाश जारी है।

निर्मल पुर्जा का शव करीब 5,700 मीटर की ऊंचाई पर मिला था। उन्होंने 2019 में दुनिया की 14 सबसे ऊंची चोटियों पर सबसे तेज (महज छह महीने में) चढ़ाई करने का रिकॉर्ड बनाया था।

नेटफ्लिक्स ने 2021 में पुर्जा की इस उपलब्धि पर आधारित वृत्तचित्र ‘14 पीक्स : नथिंग इज इम्पॉसिबल’ प्रदर्शित की थी, जिसके बाद वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर हो गए। पुर्जा ने ब्रिटिश सेना में गोरखाओं के साथ सेवा दी थी और वह बाद में विशेष बलों का भी हिस्सा रहे।

शनिवार को पुर्जा की पर्वतारोहण कंपनी ‘एलीट एक्सपेड’ ने घोषणा की थी कि अभियान में शामिल सभी सदस्यों की मौत हो गई है।

ब्रॉड पीक काराकोरम पर्वतमाला में के-2 के पास स्थित 8,051 मीटर ऊंचा पर्वत है। यह दुनिया का 12वां सबसे ऊंचा पहाड़ है और इसे चढ़ाई के लिए सबसे कठिन चोटियों में से एक माना जाता है।

एसीपी ने आशंका जताई है कि ऊंचाई वाले इलाकों में काम करने वाले कुछ स्थानीय पोर्टर भी हिमस्खलन की चपेट में आ गए हो सकते हैं। हालांकि, उनके बारे में अभी तक कोई जानकारी साझा नहीं की गई है।

भाषा पारुल प्रशांत

प्रशांत