(अदिति खन्ना)
लंदन, चार फरवरी (भाषा) यौन अपराधी जेफ्री एप्सटीन से जुड़ी विवादित फाइल में नाम सामने आने के बाद पूर्व प्रिंस एंड्रूय माउंटबेटन-विंडसर ने ‘विंडसर कैसल’ एस्टेट में स्थित अपने आवास ‘रॉयल लॉज’ को छोड़ दिया है।
एप्सटीन फाइल सार्वजनिक होने के बाद से ब्रिटेन के राजनीतिक नेताओं के एक वर्ग पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
महाराज चार्ल्स तृतीय के भाई एंड्र्यू (65) ने पिछले साल अपनी सभी उपाधिया त्याग दी थीं, जिसके तहत उन्हें 77 वर्षीय महाराज के शाही एस्टेट में स्थित अपना आवास खाली करना था। एप्सटीन फाइल में अनुचित व्यवहार के आरोप सामने आने के बाद उनपर आवास खाली करने का दबाव बढ़ गया था।
बकिंघम पैलेस के सूत्रों ने एंड्र्यू द्वारा आवास खाली किए जाने की पुष्टि की। ब्रिटेन पुलिस ने कहा है कि वह यॉर्क के पूर्व राजकुमार एंड्रयू के बारे में मिली नयी सूचना पर गौर कर रही है।
थेम्स वैली पुलिस के प्रवक्ता ने कहा, “हम इन खबरों से अवगत हैं कि यौन गतिविधियों के लिए 2010 में एक महिला को विंडसर लाया गया था। हम अपनी निर्धारित प्रक्रिया के तहत इस सूचना पर गौर कर रहे हैं।”
इस बीच, इस मुद्दे की गूंज ब्रिटेन की संसद में भी सुनाई दी, जहां प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर को ‘हाउस ऑफ कामंस’ में नेता प्रतिपक्ष केमी बैडेनोक के सवालों का सामना करना पड़ा।
विवाद अमेरिका में राजदूत के रूप में पीटर मैंडेलसन की नियुक्ति को लेकर था, लेकिन दोषी बाल यौन अपराधी एपस्टीन के साथ उनके संबंध सुर्खियों में आने के बाद स्टार्मर को उन्हें पद से हटाना पड़ा।
प्रधानमंत्री से प्रश्न पूछे जाने से संबंधित काल के दौरान स्टार्मर कहा, “मैंडेलसन ने हमारे देश, हमारी संसद और मेरी पार्टी को धोखा दिया।”
स्टार्मर ने कहा, “उन्होंने राजदूत के रूप में कार्यकाल से पहले और कार्यकाल के दौरान एप्सटीन के साथ अपने संबंधों को लेकर पूछे जाने पर मेरी टीम से बार-बार झूठ बोला। मुझे उन्हें नियुक्त करने पर अफसोस है। अगर तब मुझे वह सब पता होता जो आज पता है, तो उन्हें सरकार के आसपास भी कभी नहीं रहने दिया जाता।”
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने पुष्टि की कि मैंडेलसन से ‘हाउस ऑफ लॉर्ड्स’ की सदस्यता वापस ले ली जाएगी और उन्हें ‘प्रिवी काउंसिल’ की सदस्यता से भी हटाया जाएगा। प्रिवी काउंसिल ब्रिटिश महाराजा के करीबी सलाहकारों का एक प्रतिष्ठित निकाय माना जाता है।
भाषा जोहेब संतोष
संतोष