टोरंटो, 11 जून (एपी) कनाडा ने बुधवार को एक विधेयक पेश किया, जिसके तहत 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों को तब तक सोशल मीडिया खाते रखने से रोका जा सकता है, जब तक कि संबंधित कंपनियां यह साबित न कर दें कि उनके मंच बच्चों के लिए सुरक्षित हैं।
कनाडा उन देशों की बढ़ती वैश्विक पहल में शामिल हो गया है, जो ऑनलाइन सुरक्षा उपायों को सख्त बना रहे हैं। कनाडा के सरकारी अधिकारियों ने कहा कि यदि सोशल मीडिया मंच पर्याप्त सुरक्षा उपाय लागू करें, तो उन्हें इस नियम से छूट मिल सकती है।
कनाडा के संस्कृति मंत्री मार्क मिलर ने कहा, ‘‘हम अपने बच्चों की पर्याप्त सुरक्षा नहीं कर पा रहे हैं। अब बहुत हो चुका। हमें बुनियादी सुरक्षा उपाय लागू करने होंगे।’’
इस विधेयक में सात प्रकार की हानिकारक सामग्री को शामिल किया गया है। इनमें बच्चों को खुद को नुकसान पहुंचाने के लिए उकसाने वाली सामग्री, हिंसा और घृणा भड़काने वाली सामग्री तथा बिना सहमति के साझा की गई निजी या अंतरंग तस्वीरें शामिल हैं।
इसके तहत ‘डिजिटल सेफ्टी कमीशन ऑफ कनाडा’ नामक एक नए नियामक निकाय की स्थापना की जाएगी। छूट पाने के लिए क्या मानदंड होंगे, इसकी घोषणा बाद में की जाएगी। मिलर ने कहा कि इस नियामक संस्था को स्थापित होने में 18 महीने तक का समय लग सकता है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया कंपनियों को यह साबित करना होगा कि उनके मंच सुरक्षित हैं। इसके लिए आयु सत्यापन की व्यवस्था भी लागू की जाएगी।
ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील और इंडोनेशिया सहित कई देशों ने बच्चों की सोशल मीडिया तक पहुंच पर आयु-आधारित प्रतिबंध या शर्तें लागू की हैं या उनकी घोषणा की है। वहीं ब्रिटेन, फ्रांस, स्पेन, डेनमार्क, थाईलैंड और दक्षिण कोरिया जैसे देश भी ऐसे उपायों पर विचार कर रहे हैं या उनकी रूपरेखा तैयार कर रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया में 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लागू होने के बाद कंपनियों ने लगभग 47 लाख खातों को बंद कर दिया, जिन्हें बच्चों के खाते के रूप में चिन्हित किया गया था। इस कानून ने वहां तकनीक के उपयोग, निजता, बाल सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर व्यापक बहस छेड़ दी है तथा अन्य देशों को भी ऐसे कदमों पर विचार करने के लिए प्रेरित किया है।
कनाडा सरकार के एक अधिकारी ने पत्रकारों को बताया कि प्राधिकारी ऑस्ट्रेलिया के अनुभवों से सीखने का प्रयास करेंगे।
एपी गोला वैभव
वैभव