‘सम्मानजनक’ निमंत्रण के बिना प्रधानमंत्री की भारत यात्रा की संभावना ‘बहुत कम’ है: सलाहकार

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‘सम्मानजनक’ निमंत्रण के बिना प्रधानमंत्री की भारत यात्रा की संभावना ‘बहुत कम’ है: सलाहकार

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  • Publish Date - August 20, 2026 / 05:16 PM IST,
    Updated On - August 20, 2026 / 05:16 PM IST

ढाका, 20 अगस्त (भाषा) बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के अगले महीने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत यात्रा पर जाने की संभावना ‘‘बहुत कम’’ है। विदेश मामलों के संबंध में प्रधानमंत्री के सलाहकार हुमायूं कबीर ने यह बात कही।

कबीर ने कहा कि जब तक ‘‘आपसी विश्वास’’ पर आधारित उचित माहौल तैयार नहीं किया जाता और नयी दिल्ली की ओर से ‘‘सम्मानजनक निमंत्रण’’ नहीं दिया जाता, तब तक प्रधानमंत्री रहमान के भारत दौरे की संभावना ‘‘काफी कम’ है।

उन्होंने कहा कि ढाका स्पष्ट रूप से तय किए गए राष्ट्रीय हितों के बिना उच्च-स्तरीय यात्रा आयोजित करने की कोई जल्दबाजी में नहीं है।

कबीर ने एक साक्षात्कार में सरकारी समाचार एजेंसी ‘बीएसएस’ से कहा, ‘‘राष्ट्रीय हितों से समझौता करके या उनसे आगे बढ़कर उच्च-स्तरीय यात्रा के लिए जल्दबाजी करने का कोई औचित्य नहीं है।’’

यह साक्षात्कार 17 अगस्त को लिया गया था और बृहस्पतिवार को प्रकाशित हुआ।

इन टिप्पणियों के बीच बांग्लादेश के प्रधानमंत्री रहमान की 12-13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए नयी दिल्ली यात्रा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

बांग्लादेश ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की है, जिसे लेकर भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव बढ़ा हुआ है।

कबीर ने कहा, ‘‘आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री की भारत यात्रा की संभावना तब तक बहुत कम है, जब तक कि कुछ विशेष मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहमति के आधार पर उचित माहौल नहीं बनाया जाता और सम्मानजनक निमंत्रण नहीं दिया जाता।’’

उन्होंने हालांकि कहा कि यदि ‘‘आपसी विश्वास’’ और दोनों देशों के बीच सहमति के आधार पर ‘‘उचित’’ द्विपक्षीय माहौल बनाया जाता है तो बांग्लादेश ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने पर सकारात्मक रुख अपना सकता है।

भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने मंगलवार को कहा था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संदेश दिया है कि दोनों नेताओं को मुलाकात करनी चाहिए और वह चाहते हैं कि उनके बांग्लादेशी समकक्ष रहमान की प्रस्तावित भारत यात्रा “यादगार” हो।

कबीर ने कहा कि बांग्लादेश-भारत संबंधों की आगे की दिशा और प्रधानमंत्री रहमान की किसी भी संभावित भारत यात्रा का निर्णय भारतीय नेतृत्व के रुख में बदलाव और बांग्लादेश के राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर करेगा।

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री हसीना को लेकर भी नाराजगी जताई, जो राजनीतिक उथल-पुथल के बाद भारत चली गई थीं। उन्होंने कहा कि हसीना को राजनीतिक गतिविधियों और मीडिया में अपनी बात रखने के लिए भारतीय क्षेत्र का इस्तेमाल करने की अनुमति दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर बांग्लादेश में नाराजगी है और आरोप लगाया कि आपराधिक मामलों का सामना कर रहे या दोषी ठहराए जा चुके व्यक्तियों को राजनीतिक या मीडिया मंच उपलब्ध कराना “भारत की लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है।”

भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि हसीना से संबंधित मीडिया कार्यक्रम में उसकी कोई भूमिका नहीं थी और वह उस मंच पर बांग्लादेश सरकार के बारे में कही गई किसी भी बात का समर्थन नहीं करता है।

भारत 12 और 13 सितंबर को नयी दिल्ली में वार्षिक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। सम्मेलन में पश्चिम एशिया संकट के आर्थिक प्रभाव समेत कई गंभीर वैश्विक चुनौतियों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है।

भाषा

देवेंद्र नरेश

नरेश