नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) देश की सबसे बड़ी जनसंपर्क कंपनी एडफैक्टर्स पीआर ने ऑस्ट्रेलिया की संचार सलाहकार कंपनी सीनेट-एसएचजे में बहुलांश हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है। इस सौदे के साथ कंपनी ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अपनी मौजूदगी का विस्तार किया है।
दोनों कंपनियों ने बृहस्पतिवार को संयुक्त बयान में कहा, ‘‘यह सौदा दो स्वतंत्र कंपनियों को एक साथ लेकर आया है, जिनकी क्षमताएं और विचार एक-दूसरे के पूरक हैं…।’’
हालांकि, सौदे की राशि का खुलासा नहीं किया गया है।
सीनेट-एसएचजे अपने ब्रांड, नेतृत्व और ग्राहक टीमों को बरकरार रखेगी तथा सिडनी और मेलबर्न स्थित अपने कार्यालयों से काम जारी रखेगी। कंपनी की सह-संस्थापक और चेयरपर्सन एंजेला स्कैफिडी एएम तथा मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) डैरेन बेहर ऑस्ट्रेलियाई कारोबार का नेतृत्व करते रहेंगे।
एडफैक्टर्स पीआर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी निजय एन नायर सीनेट-एचएचजे के निदेशक मंडल में शामिल होंगे।
एडफैक्टर्स पीआर के सह-संस्थापक और प्रबंध निदेशक मदन बहल ने कहा, ‘‘सीनेट-एसएचजे एक मजबूत कंपनी है, जिसकी अपनी प्रतिष्ठा है। जटिल संचार चुनौतियों को हल करने में कंपनी और इसके नेतृत्व ने अपनी विशेषज्ञता साबित की है।’’
उन्होंने कहा कि यह साझेदारी भारत और ऑस्ट्रेलिया के ग्राहकों को एशिया-प्रशांत क्षेत्र में नए अवसरों तक पहुंच बनाने में मदद करेगी।
बयान के अनुसार, इस सौदे से एडफैक्टर्स पीआर को ऑस्ट्रेलिया में स्थापित सलाहकार कंपनी तक पहुंच मिलेगी, जबकि सीनेट-एसएचजे को बड़े स्तर और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का लाभ मिलेगा।
एडफैक्टर्स पीआर के सह-संस्थापक और चेयरमैन राजेश चतुर्वेदी ने कहा, ‘‘हमने पिछले 29 वर्षों में वैश्विक और घरेलू कारोबारी माहौल के कई दौर में कंपनियों की सेवा की है। इस नई साझेदारी के साथ ऑस्ट्रेलिया जैसे महत्वपूर्ण बाजार में हमारा संबंध और मजबूत होगा।’’
एडफैक्टर्स पीआर के लिए यह निवेश अंतरराष्ट्रीय विस्तार की दिशा में एक और कदम है। कंपनी की स्थापना 1997 में हुई थी। कंपनी के अनुसार, वह भारत, श्रीलंका और सिंगापुर में 15 कार्यालयों के जरिये 600 से अधिक स्थायी ग्राहकों को सेवाएं दे रही है। कंपनी के कर्मचारियों की संख्या 1,400 है।
वर्ष 2002 में स्थापित सीनेट-एसएचजे कंपनियों और संगठनों को प्रतिष्ठा प्रबंधन, हितधारक संवाद, बदलाव प्रबंधन, सामाजिक बदलाव, डिजिटल संचार तथा शोध एवं विश्लेषण सेवाएं प्रदान करती है।
भाषा रमण अजय
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