चीन ने वैश्विक चुनौतियों के समाधान के रूप में विकास पर दिया जोर

चीन ने वैश्विक चुनौतियों के समाधान के रूप में विकास पर दिया जोर

चीन ने वैश्विक चुनौतियों के समाधान के रूप में विकास पर दिया जोर
Modified Date: September 27, 2026 / 12:14 am IST
Published Date: September 27, 2026 12:14 am IST

न्यूयॉर्क, 26 सितंबर (एपी) चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के एक दिन बाद चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग ने वैश्विक मुद्दों पर चीन के परिचित रुख को दोहराया।

हान ने विकास पर जोर देने के साथ ईरान के साथ अमेरिका के युद्ध, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और संरक्षणवाद पर बयान दिए लेकिन ताइवान का सीधे तौर पर कोई उल्लेख नहीं किया।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में हान के भाषण से पहले चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने ट्रंप से राजकीय रात्रिभोज में मुलाकात की थी और राष्ट्रीय अभिलेखागार का दौरा किया था। भाषण की सबसे उल्लेखनीय बात खुद हान की मौजूदगी थी। चीन अक्सर अपने उभरते नेताओं को वैश्विक मंच पर स्थापित करने के लिए बड़े सार्वजनिक आयोजनों का इस्तेमाल करता रहा है।

हान ने कहा, ‘‘चीन ने घरेलू स्तर पर दो चमत्कार किए हैं, पहला तेज आर्थिक वृद्धि और दूसरा दीर्घकालिक सामाजिक स्थिरता।’’

उन्होंने संरक्षणवाद का भी जिक्र किया। चीन और अमेरिका एक साल से अधिक समय से शुल्क विवाद में उलझे हुए हैं, हालांकि ट्रंप प्रशासन द्वारा कुछ फैसलों को टालने, अदालतों में जारी कार्यवाही और शी के प्रति ट्रंप के रुख में नरमी के संकेतों के बाद यह विवाद कुछ कम हुआ है।

हान ने कहा, ‘‘इतिहास और वास्तविकता दोनों साबित करते हैं कि खुले और सहयोगी अंतरराष्ट्रीय माहौल के बिना देश विकास हासिल नहीं कर सकते। संरक्षणवाद से कोई विजेता नहीं बनता।’’

ताइवान का सीधे तौर पर उल्लेख न किया जाना खासा उल्लेखनीय रहा, क्योंकि संयुक्त राष्ट्र में चीन के भाषणों में अक्सर इसका जिक्र होता है।

हान ने चीन के लिए परंपरागत रूप से वैश्विक एजेंडे में विकास को सबसे ऊपर रखा। उन्होंने कहा कि दुनिया की व्यवस्था का बड़ा हिस्सा विकास पर आधारित होना चाहिए ताकि हर जगह जीवन स्तर बेहतर हो सके। उन्होंने चीनी सरकार के इस पुराने रुख को भी दोहराया कि विकास शांति स्थापित करने में मदद करता है।

ईरान के मुद्दे पर हान ने कहा, ‘‘चीन का मानना है कि खाड़ी सहित पश्चिम एशिया के देशों की संप्रभुता और सुरक्षा का सम्मान किया जाना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमें युद्ध के बाद की अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा करनी चाहिए।’’ हालांकि इसके साथ ही उन्होंने दुनिया से ‘‘शीत युद्ध की सोच को खारिज करने और टकराव को रोकने’’ की अपील की।

हान ने ‘ग्लोबल साउथ’ को सशक्त बनाने की भी पैरवी की।

एपी अमित आशीष

आशीष


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