वाणिज्यिक जहाजों, नाविकों को निशाना बनाना ‘अस्वीकार्य’: जयशंकर

वाणिज्यिक जहाजों, नाविकों को निशाना बनाना ‘अस्वीकार्य’: जयशंकर

वाणिज्यिक जहाजों, नाविकों को निशाना बनाना ‘अस्वीकार्य’: जयशंकर
Modified Date: September 27, 2026 / 12:13 am IST
Published Date: September 27, 2026 12:13 am IST

संयुक्त राष्ट्र, 26 सितंबर (भाषा) भारत ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में विश्व नेताओं से कहा कि खाड़ी में जारी संघर्ष के बीच वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों को निशाना बनाना “पूरी तरह अस्वीकार्य” है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें उच्चस्तरीय सत्र की आम चर्चा में कहा, “इस साल हम खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष देख रहे हैं, जिससे पहले से ही मुश्किल हालात और बिगड़ रहे हैं। जारी तनाव को लेकर हम बेहद चिंतित हैं।’’

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों को निशाना बनाना “पूरी तरह अस्वीकार्य” है।

जयशंकर ने कहा, “भारत सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ऊर्जा तथा वाणिज्य का निर्बाध प्रवाह बनाए रखने का आह्वान करता है।”

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि समुद्री क्षेत्र में नयी चुनौतियों ने ज़मीन पर मौजूद पुरानी चुनौतियों को और बढ़ा दिया है।

जयशंकर ने कहा, “खाड़ी में वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों पर हमले हुए हैं। लाल सागर से लेकर काला सागर तक भी ऐसे हमले हुए हैं। भारतीय नाविकों की जान गई है और अन्य देशों के नाविकों ने भी अपनी जान गंवाई है। यह पूरी तरह अस्वीकार्य है।”

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सत्र में कहा कि भारत ने लाइबेरिया और 23 अन्य साझेदार देशों के साथ मिलकर ऐसी अनुचित तरीके से की जा रही लक्षित कार्रवाइयों के खिलाफ वैश्विक जनमत तैयार करने की पहल में शामिल होकर समर्थन जताया है।

जयशंकर ने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जहाजों और नाविकों की सुरक्षा से कभी समझौता न हो। अंतरराष्ट्रीय कानून का पूरी तरह पालन करना इस प्रयास का अभिन्न हिस्सा है।”

भारत और लाइबेरिया ने शुक्रवार को जहाजों और नाविकों की सुरक्षा एवं संरक्षा के लिए ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स’ की स्थापना की घोषणा की। यह महत्वपूर्ण समुद्री पहल वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों के बीच शुरू की गई है।

भाषा आशीष अमित

अमित


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