चीन का तेज़ी से बढ़ता विमानवाहक बेड़ा पनडुब्बी हमलों की चपेट में आ सकता है: रिपोर्ट
चीन का तेज़ी से बढ़ता विमानवाहक बेड़ा पनडुब्बी हमलों की चपेट में आ सकता है: रिपोर्ट
(केजेएम वर्मा)
बीजिंग, 11 अगस्त (भाषा) अमेरिका के एक ‘थिंक टैंक’ ने कहा है कि चीन दुनिया भर में अपनी नौसैनिक मौजूदगी को मज़बूत करने के लिए तेज़ी से अपने विमानवाहक बेड़े का विस्तार कर रहा है लेकिन ये विशाल युद्धपोत पनडुब्बी हमलों की चपेट में आ सकते हैं।
वॉशिंगटन आधारित ‘सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज़’ (सीएसआईएस) की हालिया रिपोर्ट में एक ऐसी रणनीति की बात कही गई है जिससे अमेरिका और उसके सहयोगी चीन के विमाननवाहक पोतों को धमका सकते हैं।
इसमें ज़मीन से हमला करने वाले नेटवर्क, उपग्रह की मदद से लंबी दूरी के हवाई हमले, साइबर और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक हमले तथा ड्रोन का इस्तेमाल शामिल है।
हांगकांग आधारित ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ ने सीएसआईएस के अध्ययन का हवाला देते हुए मंगलवार को कहा कि हालांकि इस रणनीति का पांचवां हिस्सा – पनडुब्बी से घात लगाकर हमला करना – चीनी नौसेना की एक अहम कमज़ोरी का फ़ायदा उठा सकता है।
खास तौर पर, रिपोर्ट में पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में तैनात अमेरिकी युद्धक पनडुब्बियों को चीनी विमानवाहक पोतों के लिए एक बड़ा खतरा बताया गया है। इसमें कहा गया है कि नौसेना की समुद्र के नीचे पता लगाने और निगरानी करने की क्षमताओं में कमियों के कारण ये अहम जहाज असुरक्षित हो सकते हैं।
पिछले साल नवंबर में, चीन ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग की मौजूदगी में एक समारोह में अपने तीसरे विमानवाहक पोत ‘फुजियान’ को सेवा में शामिल किया।
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच, चीन हिंद महासागर समेत दुनिया भर के समुद्री मार्गों में अभियानों के लिए और अधिक विमानवाहक पोत बना सकता है।
सीएसआईएस की रिपोर्ट में कहा गया है कि जब चीनी नौसेना के विमानवाहक समूह रणनीतिक जलमार्गों से गुज़रेंगे, तो उन्हें धमकाने के लिए पनडुब्बियों और अन्य साधनों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
भाषा नेत्रपाल नरेश
नरेश

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