श्रीलंका में नयी आव्रजन व्यवस्था को मंजूरी, भारत से लौटने वालों को होगी आसानी
श्रीलंका में नयी आव्रजन व्यवस्था को मंजूरी, भारत से लौटने वालों को होगी आसानी
कोलंबो, 11 अगस्त (भाषा) श्रीलंका सरकार ने भारत में रह रहे उन शरणार्थियों की स्वैच्छिक वापसी को आसान बनाने के लिए विशेष आव्रजन व्यवस्था को मंजूरी दी है जो दशकों लंबे गृहयुद्ध के दौरान बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के श्रीलंका छोड़कर चले गए थे।
मंगलवार को यहां जारी मंत्रिमंडल की एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है।
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) के सहयोग से लौटने वाले लोगों को इसका लाभ मिलेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य उन शरणार्थियों के सामने आने वाली कानूनी अड़चनों को दूर करना है, जो बिना मंजूरी के श्रीलंका छोड़कर गए थे।
व्यवस्था के तहत, एक अगस्त 2006 से पहले बिना पासपोर्ट के देश छोड़ने वाले श्रीलंकाई नागरिकों की राज्य खुफिया सेवा द्वारा जांच की जाएगी जिसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि उन पर हत्या, राजद्रोह या अन्य अपराधों का आरोप तो नहीं है।
मंत्रिमंडल की विज्ञप्ति में कहा गया है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र लोगों को अस्थायी पासपोर्ट के आधार पर अधिकृत हवाई अड्डे या बंदरगाह के जरिए श्रीलंका में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि उन्हें बिना अनुमति देश छोड़ने के लिए श्रीलंका के आव्रजन कानून के तहत कानूनी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।
विज्ञप्ति के अनुसार यही व्यवस्था उन श्रीलंकाई नागरिकों पर भी लागू होगी जो 1 अगस्त 2006 से 19 मई 2009 के बीच बिना वैध दस्तावेजों के देश छोड़कर गए थे।
19 मई 2009 को श्रीलंकाई सरकारी बलों और लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) के बीच करीब तीन दशक तक चले संघर्ष के बाद गृहयुद्ध खत्म हो गया था।
भाषा जोहेब नरेश
नरेश

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