बीजिंग, 23 मई (भाषा) इस साल के आखिर के लिए प्रस्तावित चीन का चंद्र अन्वेषण मिशन ‘चांग’ई-7’ चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पर्यावरण और संसाधन संबंधी सर्वेक्षण करेगा। ‘चाइना मैन्ड स्पेस एजेंसी’ ने शनिवार को यह जानकारी दी।
चीन के सरकारी मीडिया की खबर में एजेंसी के प्रवक्ता झांग जिंगबो के हवाले से कहा कि यह मिशन कक्षीय परिक्रमा, ‘लैंडिंग’, ‘रोविंग’ और ‘हॉपिंग’ को शामिल करते हुए एक व्यापक अन्वेषण दृष्टिकोण अपनाएगा।
चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के लिए लक्षित यह रोबोटिक मिशन पानी-बर्फ की खोज करेगा और भविष्य में एक शोध आधार स्थापित करने की दृष्टि से उस क्षेत्र का आकलन करेगा।
झांग ने बताया कि अप्रैल में ‘चांग’ई-7’ यान को दक्षिणी द्वीपीय प्रांत हैनान के प्रक्षेपण स्थल पर पहुंचाया गया, जहां प्रक्षेपण-पूर्व तैयारियां की जा रही है और सभी संबंधित कार्य योजना के अनुसार सुचारू रूप से आगे बढ़ रहे हैं।
वर्ष 2023 में भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के उस क्षेत्र के करीब सफलतापूर्वक उतरने वाला दुनिया का पहला देश बना गया था, जहां अब तक बहुत कम खोजबीन हुई है। ‘प्रज्ञान’ रोवर को साथ लेकर गया चंद्रयान-3 मिशन का लैंडर वहां सफलतापूर्वक उतरा था।
अगले ही वर्ष चीन के ‘चांग’ई-6’ यान ने ने चंद्रमा के उस दूरस्थ हिस्से से पहली बार नमूने जुटाने का काम सफलतापूर्वक पूरा किया, जहां अब तक कोई खोजबीन नहीं हुई थी, और नमूनों को लेकर धरती पर लौटा।
चीन 2030 तक चंद्रमा पर मानवयुक्त यान उतारने के लक्ष्य के साथ काम कर रहा है।
सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ की खबर में कहा गया कि झांग के अनुसार चीन ने मानवयुक्त चंद्र अभियान और मानव रहित चंद्र अन्वेषण से जुड़ी अपनी मौजूदा परियोजनाओं को एकीकृत कर एक व्यापक चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम का रूप दे दिया है।
भाषा
खारी दिलीप
दिलीप